सीहोर जिले के ग्राम मुगावली में खुले बोरवेल में गिरकर ढाई साल की सृष्टि की मौत के बाद प्रशासन ने सख्ती बरती है। मामले में लापरवाही से खेत में बोर करवाने के बाद खुला छोड़ने वाले खेत मालिक के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया था। सोमवार को खेत मालिक का जमानत आवेदन निरस्त कर दिया गया और उसे जेल भेज दिया गया।
बता दें कि जिला दंडाधिकारी के आदेश का उल्लंघन करने पर पुलिस ने खेत मालिक के खिलाफ मामला कायम किया था। न्यायिक मजिस्ट्रेट निधु श्रीवास्तव जिला सीहोर ने अभियुक्त गोपाल कुशवाह पिता स्व. नन्नू्लाल कुशवाह का जमानत आवेदन निरस्त करते हुए न्यायिक अभिरक्षा में भेजा। मीडिया सेल प्रभारी जिला सीहोर केदार सिंह कौरव ने बताया कि हाल ही में सीहोर जिले का बहुचर्चित मामला, जिसमें ग्राम मुगावली के निवासी राहुल कुशवाह के घर के पास के खेत के खुले हुए बोरवेल में उसकी ढाई वर्षीय पुत्री सृष्टि की गिरकर मृत्यु हो गई थी। उक्त मामले में पुलिस द्वारा खेत के मालिक गोपाल कुशवाह व बोरवेल खननकर्ता के विरुद्ध थाना मंडी में अपराध क्रमांक 224/2023, धारा- 188, 308 भादवि में पंजीबद्ध कर आरोपी गोपाल कुशवाह को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया था।
बचाव पक्ष द्वारा आरोपी गोपाल कुशवाह के धारा 437 दप्रस के जमानत आवेदन पर एडीपीओ केदार सिंह कौरव द्वारा बहस करते हुए न्यायालय से निवेदन किया गया कि अभियुक्त की लापरवाही के कारण खुले पड़े बोरवेल में ढाई साल की बच्ची गिर गई और जिसे निकालने में शासन को काफी मशक्कत करने पड़ी। इसके बावजूद भी बच्ची को बचाया नहीं जा सका। अभियोजन के तर्कों से सहमत होकर कोर्ट ने आरोपी के जमानत आवेदन को निरस्त करते हुए उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेजे जाने के आदेश पारित किए।