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MP News: एक हजार रुपये के लिए हत्या करने वाले बाप और दो बेटों को उम्रकैद, 22500 रुपये जुर्माना

Thu, 26 Jan 2023 02:50 PM IST
अरविंद कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर

सार

मध्यप्रदेश के सीहोर जिले में उधारी के एक हजार रुपये न चुका पाने की एवज में एक व्यक्ति की बाप और दो बेटों ने मिलकर हत्या कर दी थी। मामले में तीनों को कोर्ट ने उम्रकैद की सजा और जुर्माने से दंडित किया है।
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(सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : सोशल मीडिया
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सीहोर जिले में उधारी के एक हजार रुपये के लिए जानलेवा हमला कर एक ग्रामीण को मौत के घाट उतारने वाले बाप और दो बेटों को कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। करीब डेढ़ साल पुराने जघन्य और सनसनीखेज अपराध में हत्या करने वाले आरोपीगण को कोर्ट ने कुल 22 हजार 500 रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। 

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प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश आरएन चंद ने जघन्य और सनसनीखेज मामले में अभियुक्तगण सोनू मालवीय, मोहन मालवीय पिता जमुना प्रसाद मालवीय, जमुना प्रसाद पिता हेमराज मालवीय निवासीगण ग्राम तकीपुर महुआखेड़ी जिला सीहोर को धारा-302/34 भादवि में आजीवन कारावास, पांच हजार रुपये अर्थदंड, धारा-307/34 भादवि में पांच साल का सश्रम कारावास और दो हजार रुपये अर्थदंड एवं 324/34 भादवि में छह महीने का सश्रम कारावास एवं 500 रुपये अर्थदंड एवं 323/34 भादवि में तीन महीने का सश्रम कारावास से दंडित किया है।

मीडिया सेल प्रभारी केदार सिंह कौरव ने बताया, 21 मई 2022 की रात करीब दस बजे फरियादी हिमांशु मालवीय, उसके पिता सुरेश कुमार एवं बुआ का लड़का राहुल मालवीय घर पर थे और खाना खाकर सोने की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान राहुल के फोन पर मोहन मालवीय का फोन आया। राहुल सो गया था तो हिमांशु (फरियादी) ने फोन उठाया। मोहन ने फोन पर कहा कि मैंने जो तुम्हे उधार एक हजार रुपये दिये थे, वह वापस कर दो। तब फरियादी ने कहा कि राहुल भैया सो गए है, मैं सुबह तुम्हे रुपये दे दूंगा। आरोपी फोन पर गालियां देने लगा।
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कुछ देर बाद मोहन मालवीय अपने पिता जमुना प्रसाद मालवीय और अपने भाई सोनू मालवीय के साथ घर पर आया। घर के बाहर खड़े होकर गाली-गलौज और हंगामा करने लगा। फरियादी हिमांशु और राहुल घर के बाहर निकले और बिना कोई बात सुने मोहन ने अपने हाथ में रखी लोहे की गुप्ती से राहुल को पेट पर मार दी। इस दौरान हिमांशु के बीच-बचाव करने पर आरोपी सोनू ने मौके पर पड़े पत्थर फेंककर हिमांशु को घायल कर दिया। हिमांशु को सिर में गंभीर चोंट लगने से खून बहने लगा। तब हिमांशु ने आवाज देकर उसके पिता को बुलाया तो आरोपी जमुना प्रसाद ने उसके पिता को चाकू से पेट पर हमला कर घायल कर दिया। 

हंगामे की आवाज सुनकर फरियादी के चाचा विक्रम मालवीय के बीच-बचाव करने आने पर आरोपी मोहन ने उन पर भी गुप्ती से हमला कर घायल कर दिया। वहीं, मोहन ने फिर राहुल पर गुप्ती से हमला कर बुरी तरह से घायल कर दिया। इसके बाद घायलों को मोहल्ले के लोगों ने इलाज के लिए सीहोर के जिला अस्पताल लेकर गए, लेकिन चोट अधिक लगने के बाद उन्हें भोपाल हमीदिया अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। जहां इलाज के दौरान आहत राहुल की मौत हो गई। पुलिस ने मामले में आरोपीगण के खिलाफ धारा- 294, 324, 323, 336, 506, 34, 326, 307 और 302 भादवि का अपराध पंजीबद्ध किया। अनुसंधान के बाद अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। न्यायालय द्वारा अंतिम बहस के दौरान अभियोजन के तर्को से सहमत होते हुए आरोपी को दोष सिद्ध किया गया। सभी आहत साक्षियों, मेमोरेंडम के साक्षियों ने घटना का समर्थन किया और विवेचक द्वारा अपनी विवेचना को प्रमाणित किया। शासन की ओर से मामले में पैरवी अतिरिक्त जिला अभियोजन अधिकारी देवेन्द्र सिंह ठाकुर ने की।

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