सीहोर पुलिस ने साइबर फ्रॉड की रकम ATM से निकालकर आगे पहुंचाने और USDT में बदलकर चीनी नागरिक तक भेजने वाले नेटवर्क का खुलासा किया। मामले में पांच आरोपी गिरफ्तार हुए हैं, जबकि एक फरार आरोपी की तलाश जारी है।
सीहोर पुलिस ने साइबर फ्रॉड की रकम को ATM से निकालकर आगे पहुंचाने और फिर क्रिप्टोकरेंसी USDT में बदलकर विदेशी नागरिक तक भेजने वाले नेटवर्क का खुलासा किया है। कोतवाली पुलिस ने मामले में अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में सामने आया कि साइबर ठगी की रकम टेलीग्राम ग्रुप के जरिए ‘मैटी’ नामक चीनी नागरिक तक पहुंचाई जाती थी। मामले में एक आरोपी अभी फरार है।
शिकायत के बाद शुरू हुई जांच
ATM से निकाली गई थी ठगी की रकम
5 प्रतिशत कमीशन लेकर निकालते थे रकम
पुलिस रिमांड के दौरान पूछताछ में दोनों आरोपियों ने बताया कि ATM से निकाली गई रकम वे बाणगंगा, इंदौर निवासी आर्यन अम्बेडकर को सौंपते थे। इसके बदले उन्हें कुल रकम का करीब 5 प्रतिशत कमीशन मिलता था। आरोपियों से मिली जानकारी और साइबर सेल के तकनीकी सहयोग से पुलिस ने आर्यन अम्बेडकर और उसके साथी ऋतेश प्रजापत को भी गिरफ्तार कर लिया।
USDT खरीदकर चीनी नागरिक तक भेजते थे
पूछताछ में साइबर फ्रॉड नेटवर्क की अगली कड़ी सामने आई। पुलिस के अनुसार, आर्यन अम्बेडकर साइबर ठगी से मिली रकम से USDT यानी क्रिप्टोकरेंसी खरीदता था। इसके बाद टेलीग्राम ग्रुप के माध्यम से यह USDT ‘मैटी’ नामक चीनी नागरिक को भेजा जाता था। इस काम के बदले उसे करीब 10 प्रतिशत कमीशन मिलने की बात सामने आई है।
पूछताछ में एक और आरोपी का नाम सामने आया
आर्यन से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने हीरानगर थाना क्षेत्र, इंदौर निवासी अनुराग पटेल को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, अनुराग ने भी साइबर फ्रॉड की रकम से USDT खरीदकर टेलीग्राम ग्रुप के जरिए चीनी नागरिक मैटी तक भेजने की बात स्वीकार की। पूछताछ में उसने शिवेंद्र सिंह राजपूत के भी नेटवर्क में शामिल होने की जानकारी दी।
पांच आरोपी गिरफ्तार, एक की तलाश
पुलिस ने मामले में अब तक गोपाल सेन, सुमित कोष्ठी, आर्यन अम्बेडकर, ऋतेश प्रजापत और अनुराग पटेल को गिरफ्तार किया है। वहीं, फरार आरोपी शिवेंद्र सिंह राजपूत की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं।
विदेशी कनेक्शन की जांच जारी