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MP News: कांवड़ यात्रा में शामिल आठ डीजे पर FIR, तेज आवाज में साउंड, हाईवे जाम, देशभर से आए थे ऑपरेटर्स

Thu, 07 Aug 2025 11:03 PM IST
सीहोर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर

सार

सीहोर की कुबेरेश्वर कांवड़ यात्रा में तेज आवाज में डीजे बजाने पर प्रशासन ने सख्ती दिखाई। बिना अनुमति के ध्वनि प्रदूषण फैलाने पर देशभर से आए 8 डीजे ऑपरेटरों पर एफआईआर दर्ज की गई। हाईवे जाम, श्रद्धालुओं की परेशानी और सात मौतों के बाद यह कार्रवाई की गई। 
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तेज आवाज में बजा डीजे, अब FIR
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विस्तार
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सीहोर में पंडित प्रदीप मिश्रा के नेतृत्व में निकाली गई कांवड़ यात्रा में तेज आवाज में बजाए गए डीजे अब डीजे ऑपरेटरों पर भारी पड़ गए हैं। प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई करते हुए 8 डीजे संचालकों पर एफआईआर दर्ज की है। ये सभी देशभर से आए थे और बिना अनुमति के हाई वॉल्यूम में डीजे बजा रहे थे।

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हाईवे पर यातायात बाधित, श्रद्धालुओं को परेशानी
कांवड़ यात्रा के दौरान हजारों श्रद्धालु जीवन नदी से कुबेरेश्वर धाम तक पैदल चल रहे थे। इस बीच हाईवे पर भारी ट्रैफिक था। डीजे वाहनों पर तय मानकों से कई गुना बड़े साउंड सिस्टम लगाए गए थे, जिससे सड़क पर आवाजाही में बाधा उत्पन्न हुई। श्रद्धालुओं को भी ध्वनि प्रदूषण से असुविधा का सामना करना पड़ा।

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सीएम मोहन यादव की प्राथमिकता थी साउंड पर नियंत्रण
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शपथ लेने के बाद पहला निर्देश यही दिया था कि प्रदेश में कहीं भी तेज आवाज में लाउडस्पीकर या साउंड सिस्टम न बजें। इसके तहत धार्मिक स्थलों से भी लाउडस्पीकर हटाने की कार्रवाई शुरू की गई थी। अब सीहोर की यह कार्रवाई उसी नीति के तहत उठाया गया बड़ा कदम मानी जा रही है।

कौन-कौन डीजे ऑपरेटर आए कार्रवाई की जद में
कार्रवाई की जद में आए डीजे देश के विभिन्न राज्यों से आए थे। इनमें गुजरात का त्रिनेत्र डीजे, झारखंड का धुमाल डीजे, उत्तर प्रदेश का कसाना डीजे, छत्तीसगढ़ का पावर जोन, इंदौर का श्याम बैंड और भोपाल, सीहोर के लोकल डीजे शामिल हैं। इन सभी पर कोलाहल नियंत्रण अधिनियम के तहत अलग-अलग प्रकरण दर्ज किए गए हैं।

कांवड़ यात्रा के दौरान प्रशासन मौन रहा, जब हाईवे पर जाम लगा और डीजे ध्वनि प्रदूषण फैला रहे थे। दो दिन बाद जब हालात बिगड़ने लगे और श्रद्धालुओं की मौतों ने तूल पकड़ा, तब पुलिस ने एक्शन मोड अपनाया। सवाल यह भी है कि आयोजन के दौरान तैनात अधिकारियों पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई?

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अब तक 7 मौतें, स्वास्थ्य इंतजाम सवालों में
कांवड़ यात्रा के दौरान दो दिन में सात श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है। भीड़ का प्रबंधन, स्वास्थ्य सेवाओं की अनुपलब्धता और गर्मी के चलते हालात बिगड़े हैं। अस्पतालों की तैयारियों की भी पोल खुल चुकी है, लेकिन आयोजन के प्रभारी अफसरों की भूमिका अब तक सवालों के घेरे में है।

पुलिस की टीम ने निभाई सक्रिय भूमिका
कोतवाली पुलिस सीहोर ने निरीक्षक रविंद्र यादव के नेतृत्व में कार्रवाई को अंजाम दिया। टीम में उप निरीक्षक किरण सिंह, एएसआई पति पाटिल, प्रधान आरक्षक अशोक यादव, जितेंद्र वर्मा, पंकज यादव सहित अन्य जवानों ने अलग-अलग स्थानों से डीजे जप्त किए और केस दर्ज किया।

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