किसानों की परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। बारिश के कारण पहले से ही किसान गेहूं उपज का रंग फीका पड़ने से परेशान हैं। अब किसानों के सामने एक बार फिर परेशानी सामने आ गई है। अबकी बार ये परेशानी मौसम के कारण नहीं शासन ने दी है। शासन ने चार दिन के दिन के लिए समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी स्थगित कर दी है। सरकार का कहना है समर्थन मूल्य पर नमीयुक्त अमानक गेहूं विक्रय के लिए पहुंच रहा है।
सीहोर जिले में गत दिनों असामयिक वर्षा के कारण अनेक जगह गेहूं की फसल हवा आंधी में आड़ी होने के साथ ही बारिश से भीग गई थी। किसानों ने जैसे-तैसे अपनी फसल को खेतों से काटकर खलियानों में एकत्रित किया और समर्थन मूल्य पर बेचने के लिए समर्थन मूल्य खरीदी केंद्रों पर पहुंचे, लेकिन किसानों के सामने एक बार फिर से समस्या खड़ी हो गई। शासन ने किसानों से समर्थन मूल्य पर गेहूं क्रय करना स्थगित कर दिया।
शासन का कहना है कि गेहूं में नमी की मात्रा बढ़ जाने से उपार्जन केंद्रों पर समर्थन मूल्य पर नमीयुक्त अमानक गेहूं विक्रय के लिए पहुंच रहा है। इसके कारण भारत सरकार द्वारा निर्धारित एफएक्यू गुणवत्ता के गेहूं की खरीदी संभव नहीं हो पा रही है।
चार दिन के स्लॉट निरस्त किए
किसानों को अपने गेहूं को सुखाकर गेहूं विक्रय का अवसर प्रदान करने के लिए 28 मार्च से 31 मार्च तक गेहूं उपार्जन कार्य स्थगित किया गया है। ई-उपार्जन पोर्टल पर पंजीकृत किसानों द्वारा इस अवधि में गेहूं विक्रय के लिए किए गए स्लॉट बुकिंग को निरस्त किया गया है। किसानों द्वारा सुविधा अनुसार पुन: स्लॉट बुकिंग की जा सकती है।