छह साल पुराने एक मामले में लकड़ी के व्यापारी से 20 हजार रुपये प्रतिमाह की रिश्वत की मांग करने वाले डिप्टी रेंजर को सीहोर न्यायालय ने चार वर्ष के सश्रम कारावास की सजा से दंडित किया है। विशेष न्यायाधीश लोकायुक्त संजय कुमार शाही ने फैसला सुनाते हुए सुभाष त्यागी को धारा- 7 13(1) डी सहपठित धारा 13(2) भष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 मे 04-04 वर्ष का सश्रम कारावास की सजा और 5000-5000/- रुपये कुल 10 हजार रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई।
मीडिया सेल प्रभारी जिला केदार सिंह कौरव ने बताया कि 19 जनवरी 2017 को शिकायतकर्ता मोहम्मद माजिद फारुकी निवासी रेहटी ने पुलिस अधीक्षक, विशेष पुलिस स्थापना, लोकायुक्त कार्यालय, भोपाल को एक लिखित आवेदन पत्र दिया था। बताया था कि वह लकड़ी का व्यवसाय करता है। रेहटी में पदस्थ डिप्टी रेंजर सुभाष त्यागी द्वारा हर माह 20 हजार रुपये की मांग करते हुए यह कहा जाता है कि रुपये नहीं दोगे तो वह काम नहीं चलने देगा और उसके विरुद्ध प्रकरण बनाएगा।
मोहम्मद माजिद ने बताया कि 17 जनवरी एवं 18 जनवरी 2017 को आरोपी सुभाष त्यागी ने फोन किया और पैसों की मांग की। कहा कि तुम आजकल कर रहे हो, ठीक नहीं है। इसके बाद उसने शिकायत की। लोकायुक्त कार्यालय, भोपाल द्वारा निरीक्षक वीके सिंह द्वारा फरियादी मोहम्मद माजिद फारुकी को रिश्वत मांगने वाले डिप्टी रेंजर त्यागी को रिश्वत की मांग की रिकॉडिंग के लिए एक डीवीआर दिया गया था। निरीक्षक वीके सिंह द्वारा टीम गठित कर आरोपी डिप्टी रेंजर सुभाष त्यागी को रेहटी में डिप्टी रेंज कार्यालय में रंगे हाथों 10 हजार रुपये की रिश्वत राशि के साथ गिरफ्तार किया गया। विवेचना उपरांत अभियोग पत्र न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी सहायक जिला अभियोजन अधिकारी प्रमोद अहिरवार ने की।