मध्य प्रदेश के सीहोर कोर्ट ने दुष्कर्मी को 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। तीन हजार रुपये अर्थदंड लगाया है। साथ ही पीड़िता को चार लाख रुपये की राहत राशि देने का आदेश दिया गया है।
बता दें कि मामला तीन साल पुराना है। मीडिया सेल प्रभारी केदार सिंह कौरव ने बताया कि दिनांक 7 मार्च 2019 को 16 वर्षीय पीड़िता के माता-पिता शादी में ग्राम नीलबढ़ गए थे। घर पर पीडिता अकेली थी और खाना खाकर रात करीब 9:00 बजे आंगन में सो गई थी। घर के पास ही रहने वाला सत्यानारायण रात में चोरी-छिपे घुसा और नाबालिग को उठा ले गया। उसके साथ दुष्कर्म किया। चीखने पर जान से मारने की धमकी दी। थोड़ी देर बाद उसकी मां आरोपी सत्यनारायण के घर आई दरवाजा खटखटाया तो आरोपी सत्यनारायण बालिका को घर में अकेली छोड़कर खिड़की से कूदकर भाग गया। पीड़िता ने पूरी बात उसकी मां को बताई फिर वह अपने पिता, बड़े पापा को साथ लेकर थाना इछावर में जाकर रिपोर्ट लिखाई।
पुलिस ने मामला न्यायालय में पेश किया। सुनवाई के बाद विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) अशोक भारद्वाज ने अपने फैसले में अभियुक्त सत्यानारायण पिता माखनलाल सेन उर्फ बाबू सेन को दोषी करार दिया। धारा- 376 (3) भादवि में 20 वर्ष का कठोर कारावास एवं 1000/- रुपये का अर्थदंड, धारा-5/6 पॉक्सो में 20 वर्ष का कठोर कारावास एवं 1000 रुपये का अर्थदंड, धारा-366 भादवि में तीन वर्ष का सश्रम का कारावास एवं 500 रुपये का अर्थदंड एवं धारा-363 भादवि में तीन वर्ष का सश्रम कारावास एवं 500 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।
शासन की ओर से पैरवी केदार सिंह कौरव विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो), जिला सीहोर ने की। न्यायालय ने उनके तर्कों से सहमत होकर पीड़िता की देखरेख, शिक्षा पुर्नवास के लिए प्रतिकर राशि 4,00,000 रुपये देने का आदेश भी पारित किया।