एक साल पहले हुई महिला की हत्या के मामले में छह ननदों को कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही सभी पर पांच-पांच हजार का अर्थदंड भी लगाया गया है। कंचन सक्सैना, द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश, आष्टा-सीहोर ने फैसला दिया है।
अतिरिक्त जिला अभियोजन अधिकारी देवेन्द्र सिंह ठाकुर ने बताया कि 25 मार्च 21 को सुबह करीब 9.00 बजे आष्टा की इंद्रा कॉलोनी में 30 वर्षीय सुनीता पति स्व. शान्तिलाल को उसके घर के अंदर घुसकर उसकी सगी ननदों ललताबाई, सुमित्राबाई, सजनबाई, बिन्दाबाई, लक्ष्मीबाई एवं कांताबाई ने पीटा था। मारपीट के दौरान सुनीता की मौत हो गई थी। घटना के संबंध में सुनीता के पुत्र एवं पुत्री प्रत्यक्षदर्शी थे। उन्होंने बताया कि सबुह उनकी छ: बुआओं ने मिलकर उनकी मां सुनीता बाई के साथ मारपीट कर गला दबाकर हत्या कर दी है। पुलिस थाना आष्टा प्रकरण दर्ज कर विवेचना में लिया गया। सम्पूर्ण विवेचना उपरांत अभियोग-पत्र न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश कंचन सक्सैना ने अभियोजन की ओर से प्रस्तुत मौखिक, दस्तावेजी साक्ष्य एवं तर्कों के सहमत होते हुए अभियुक्तगण ललताबाई, सुमित्राबाई, सजनबाई, बिन्दाबाई, लक्ष्मीबाई एवं कांताबाई नि. इन्द्रा कॉलोनी आष्टा जिला- सीहोर को धारा 302/34 भादवि के आरोप में आजीवन कारावास व 5,000-5,000/- रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।