पुलिस के अनुसार 15 फरवरी को लसूड़िया परिहार के पास रेलवे ट्रेक पर मिले अज्ञात शव मिला था, जिसकी शिनाख्त इरफान पिता हबीब खान निवासी ईटखेड़ा थाना बिलकिसगंज सीहोर के रूप में हुई थी। छानबीन में सामने आया कि इरफान केमिकल के प्रयोग से नोट बनाने का दावा कर व्यक्तियों से धोखाधड़ी किया करता था। भोपाल के रातीबड़ इलाके का रहने वाला पिन्टू उर्फ पिंकेश पिता कालूराम जाटव भी उसके झांसे में आया था। उसके दोस्त वीर सिंह ने पिंकेश से मिलाया था और इरफान ने रकम पांच गुना करने की बात कही थी।
इरफान ने घर पर हाथ की सफाई से किसी केमिकल और एक कांच की शीट का इस्तेमाल कर कुछ रुपये बनाकर देने का स्वांग भी किया था। लालच में आकर पिंकेश ने एक माह पहले अपनी कार गिरवी रखकर एक लाख रुपये का इंतजाम किया और इरफान को दे दिए थे। पर इरफान ने कांच टूट जाने का बहाना कर रुपये न बन पाने की बात कही थी। साथ ही उसे बताया कि ये कांच बहुत महंगा आता है जिसे बाहर से बुलाना पड़ता है। जिसके लिए पचास हजार रुपये का और इंतजाम करना पड़ेगा। पिंकेश ने कई बार इरफान से कहा कि उसके रुपये लौटा दे, इरफान लगातार टालमटोल करता रहा। इन बातों से परेशान पिंकेश ने वीर सिंह के साथ मिलकर इरफान को सबक सिखाने की योजना बनाई।
दोनों को पता चला कि इरफान का भाई भोपाल के एक अस्पताल में दुर्घटना में घायल होकर इलाज करवा रहा है। जिसे 14 फरवरी को अस्पताल से डिस्चार्ज होना था और उसे लेने इरफान भोपाल गया था। पिंकेश और वीर सिंह ने इरफान को बिलकिसगंज बुलाया, जहां तीनों ने शराब पी और पिंकेश ने इरफान को राजी किया कि वह उसके पैसे वापस करने का एक लिखित में इकरारनामा करे।
पिंकेश उसे वीर सिंह के साथ अपनी कार में लेकर अपने पिता के ग्राम पड़ली व बिजलौन के बीच स्थित खेत मे बनी एक झोपड़ी में ले गया और वहीं से फोन करके अपने भाई राहुल और ग्राम छोटी झागरिया थाना रातीबड़ भोपाल निवासी अपने दोस्तों राहुल सूर्यवंशी पिता नारायण और अर्जुन सूर्यवंशी पिता रामलाल को भी बुला लिया, जहां सभी ने फिर से शराब पी और पिंकेश और वीर सिंह ने मिलकर लाठियों से इरफान को बेतहाशा मारा। वह बेहोश हो गया, उसके बाद सबूत मिटाने की नीयत से पांचों ने उसे पिंकेश की कार की डिक्की में ड़ाला और जमनी पड़ली के रास्ते होकर उसे लसुड़िया परिहार जोड़ के पास, महाकाल ढाबा के पीछे स्थित सुनसान रेलवे ट्रेक पर डाल दिया और इरफान की मोटरसाइकल भी ट्रेक के किनारे फेंक दी, जिससे किसी को उन पर शक न हो और घटना आत्महत्या प्रतीत हो।
सुबह लगभग 05.30 बजे राजकोट एक्सप्रेस उस ट्रेक से गुजरी तो उसकी चपेट में आने से इरफान की कटने से मृत्यु हो गई। पुलिस ने पांचों को गिरफ्तार कर लिया है।