एमपी में 2 मई से 11 मई तक मनाया जाएगा लाड़ली लक्ष्मी उत्सव
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मध्य प्रदेश में कोरोना काल के बाद खेल एवं युवा कल्याण विभाग की "मां तुझे प्रणाम योजना" पुनः 2 मई से शुरू होने जा रही है। योजना के तहत
पहली बार प्रदेश की लाड़लियां वाघा बार्डर की यात्रा करेंगी। सीहोर जिले की तीन बेटियों का चयन योजना के तहत वाघा बार्डर के भ्रमण के लिए किया गया है। प्रदेशभर में 2 से 11 मई तक “लाड़ली लक्ष्मी उत्सव” मनाया जाएगा, 2 मई को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान 200 लाड़ली लक्ष्मियों को हरी झंडी दिखाकर वाघा बॉर्डर की यात्रा के लिए रवाना करेंगे।
सीहोर जिले की सृष्टि सिंह, आशा चावरिया एवं कंचन राठौर का चयन मां तुझे प्रणाम योजना के तहत वाघा बार्डर भ्रमण के लिए हुआ है। तीनों बालिकाएं वाघा बार्डर भ्रमण के लिए उत्साहित हैं। सृष्टि ने बताया कि अभी तक मैंने सिर्फ वाघा बॉर्डर को फिल्मों या टीवी में देखा है, लेकिन अब मुझे प्रत्यक्ष रूप से वाघा बॉर्डर देखने का अवसर मिला है। सृष्टि अपनी यात्रा को लेकर काफी खुश हैं, सृष्टि का कहना है कि प्रदेश सरकार लाड़ली लक्ष्मी योजना चलाकर बेटियों को आगे बढ़ने के लिए अनेक अवसर प्रदान कर रही है। सृष्टि ने बालिकाओं को बॉर्डर भ्रमण का अवसर देने के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को धन्यवाद दिया।
मध्य प्रदेश सरकार की लाड़ली लक्ष्मी योजना का व्यापक प्रभाव बालिकाओं के जीवन पर पड़ रहा है। माता-पिता के प्रोत्साहन एवं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के दुलार से अब बालिकाएं भी किसी से पीछे नहीं हैं। शासकीय योजनाओं से लाभ उठाकर प्रदेश की बेटियां आत्मविश्वास से अपनी शिक्षा प्राप्त कर रही हैं, वहीं शिक्षित होकर आत्मनिर्भर भारत बनाने में भी अपना योगदान दे रही हैंसीहग।