मध्यप्रदेश में अब धार्मिक नगरी में शराब की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी एमपी की मोहन सरकार ने पूरी करली है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आबकारी विभाग के अधिकारियों को प्रस्तावित नीति में प्रावधान करने को कहा है। इस फैसले पर अमले के बाद मां शारदा की नगरी मैहर सहित मध्यप्रदेश के 17 धार्मिक नगरों में शराबबंदी लागू की जाएगी।
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि आने वाले बजट सत्र में सरकार प्रदेश की धार्मिक नगर में शराबबंदी को लेकर आबकारी नीति में संशोधन करने पर निर्णय लिया है। 1 अप्रैल से शुरू होने वाले वित्तीय वर्ष में इस पर अमल किया जा सकता है। राजस्व नुकसान की भरपाई के लिए धार्मिक नगरों की बाहरी सीमाओं में शराब दुकानें खोलने को लेकर आबकारी विभाग विचार कर रहा हैं।
कुछ दिन पहले ही हुई थी नई आबकारी नीति पर चर्चा
मुख्यमंत्री यादव ने कुछ दिन पहले वाणिज्यिक कर विभाग की समीक्षा बैठक में आबकारी नीति पर चर्चा की थी। इसमें अधिकारियों की ओर से दिए सलाह को बदलाव लाने के लिए आदेशित किया था। इसके बाद बजट सत्र के पहले नई आबकारी नीति के प्रस्ताव को कैबिनेट बैठक में मंजूरी दी जाएगी। एक अप्रैल 2025 से यानी नए वित्त वर्ष से इसे लागू किया जा सकता है।
हिन्दू संगठन कर रहा था मांग
धार्मिक नगरी मैहर में शराबबंदी को लेकर कई बार बार स्थानीय हिन्दू संगठन ने स्थानीय प्रशासन से लेकर भोपाल तक आवाज उठाई थी। कई बार ज्ञापन भी दिया गया पर अब साधु संतों के सुझाव के बाद सरकार ने इस पर अमल करने की मुहिम उठाई है। इस खबर के बाद से स्थानीय लोगों में खुशी की माहौल है। आस्था से जुड़े इस फैसले पर हिन्दू संगठन ने भी आभार व्यक्त किया है।
लाखों श्रद्धालुओं का होता है आगमन
52 शक्तिपीठ में से एक मैहर स्थित मां शारदा के इस मंदिर नवरात्रि में रोजाना लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं का आगमन होता है, ऐसे में जगह-जगह मदीरा और मांस की खुली दुकानों का व्यापक असर श्रद्धा में भी देखा जाता था। इसको ध्यान में रखते हुए अब मैहर सहित 16 धार्मिक नगरी में शराब बंदी का फैसला मध्यप्रदेश की मोहन सरकार ने लिया है, जिसकी अब हर तरफ सराहना हो रही है।
मध्यप्रदेश के 17 शहरों में होगी पूर्ण शराबबंदी
प्रदेश की धर्मिक नगरी मैहर, चित्रकूट, उज्जैन, अमरकंटक, महेश्वर, ओरछा, ओंकारेश्वर, मंडला, दतिया, जबलपुर, सलकनपुर, मंदसौर, मंडलेश्वर, बरमान और पन्ना जैसे धार्मिक नगरों में शराब की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने की योजना है। सरकार इन धार्मिक शहरों को पूर्णतः शराबमुक्त बनाने पर गंभीरता से विचार कर रही है जल्द ही आदेश जारी होंगे।