जिले की कैलारस शुगर मिल कभी मुरैना के लिए रोजगार की रीढ़ मानी जाती थी लेकिन शासन ने अब इसे बेचने की कवायद शुरू कर दी है। आज इस शुगर मिल की कुछ जमीन की नीलामी होनी थी, जिसे लेकर जौरा के कांग्रेस विधायक पंकज उपाध्याय ने एक विशाल धरना प्रदर्शन के साथ ही जेल भरो आंदोलन भी किया। इसके साथ ही एक शक्कर कारखाना बचाओ समिति भी बनाई गई।
आज किए गए इस आंदोलन में किसान नेताओं समेत विधानसभा उप नेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे भी सम्मिलित हुए। शुगर मिल को नीलामी को बचाने के लिए जेल भरो आंदोलन के दौरान जौरा विधायक पंकज उपाध्याय, जिला अध्यक्ष कांग्रेस मधुराज तोमर, पार्षद विनोद शर्मा, राजू मंत्री सहित कई नेताओं ने अपनी गिरफ्तारी दी, इसी दौरान नेशनल हाइवे क्रमांक 552 पर लंबा जाम लग गया।
कांग्रेस विधायक पंकज उपाध्याय ने कहा कि हमारी शक्कर मिल यहां चलती थी, उसे पहले प्रशासन ने बंद किया अब उसकी जमीन को नीलाम करने का षड्यंत्र रचा जा रहा है। सरकार भू-माफियाओं से मिली हुई है। जैसे अंबाह पोरसा और मुरैना के बस स्टैंड की जमीन बिक गई, वैसे ही सरकार इसे बेचना चाहती है।
उन्होंने कहा कि बीते चार दिनों से इस नीलामी को रोकने के लिए धरना दिया जा रहा था लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इसलिये ही आज सत्याग्रह कर जेल भरो आंदोलन किया गया। हमारी मांग सिर्फ इतनी है कि इस नीलामी को रोका जाए और कारखाने को पुनः चालू किया जाए।
इधर कैलारस तहसीलदार विश्राम बघेल ने नीलामी के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इस जमीन को खरीदने के लिए चार भागीदार इच्छुक थे, जिन्हें बोली लगाने के लिए अवसर दिया गया लेकिन बोली लगाने वालों ने लिखित में अपने कारण पेश करते हुए बोली लगाने से मना कर दिया। उन्होंने कहा कि चारों लोगों को जमीन की कीमत ज्यादा लगी, इस कारण वे बोली से बाहर हो गए इस जेल भरो आंदोलन और धरने का इससे कोई लेना-देना नहीं है।
जेल भरो आंदोलन में गिरफ्तारियों को लेकर कैलारस एसडीओपी रवि सोनेर ने कहा कि यह विरोध प्रदर्शन शक्कर कारखाना संघर्ष समिति की ओर से किया गया था, इसमें जिन लोगों द्वारा प्रदर्शन किया गया और गिरफ्तारियां दी गईं अस्थाई जेल में निरुद्ध किया गया और बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया।