बेटे के प्रेम में पिता की हत्या।
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सिंहपुर थाना क्षेत्र के बौलिहा गांव में मंगलवार को हुई व्यक्ति की हत्या के मामले में नया मोड़ सामने आया है। पिता को अपने बेटे के गुनाहों की सजा जान गंवाकर भुगतनी पड़ी है। बेटे की आशिकी पिता की मौत का सबब बन गई है। हालांकि पुलिस अभी जांच में जुटी हुई है।
सिंहपुर थाना की रैगांव पुलिस चौकी अंतर्गत ग्राम बौलिहा में मंगलवार को कुल्हाड़ी, रॉड और डंडे से पीट-पीट कर राम जी अहिरवार पिता शंखा (48) की हत्या कर दी गई थी। परिजनों ने गांव के राम बहोरी अहिरवार, नंदीलाल अहिरवार, मुकेश अहिरवार, संदीप अहिरवार, बाबूलाल अहिरवार व राजेंद्र अहिरवार पर संदेह व्यक्त करते हुए हत्या का आरोप लगाया था। पुलिस ने जब जांच-पड़ताल शुरू की तो पता चला कि मामला मृतक रामजी के बेटे तेजभान के प्रेम प्रसंग से जुड़ा था। तेजभान का प्रेम प्रसंग गांव के एक युवक की पत्नी के साथ चल रहा था। वह कुछ दिनों पहले तेजभान के साथ भाग गई थी।
लगभग 15 दिन बाद वह वापस आई थी, लेकिन अपने पति के घर के बजाय तेजभान के ही घर पर रहने लगी थी। सामाजिक और पारिवारिक दबाव के बाद वह अपने पति के पास वापस आ गई और उसने तेजभान के खिलाफ दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज करवा दिया। पुलिस ने तेजभान को गिरफ्तार कर जेल भी भेज दिया। इस बीच महिला की मोहब्बत ने फिर हिलोरे मारे और वह तेजभान को बचाने की कोशिश में लग गई।
वह पति के घर से वापस आकर फिर तेजभान के ही घर पर यह सोच कर रहने लगी कि इससे तेजभान का बचाव हो जाएगा और वह जेल से छूट जाएगा। उसकी इस हरकत ने उसके पति का गुस्सा भड़का दिया। तेजभान जेल में था, लेकिन उसका पिता रामजी तथा परिवार के अन्य सदस्य गांव में ही थे। पिछले दिनों उसने अपने साथियों समेत रामजी के घर जा कर उसे धमकाया भी था। मंगलवार को जब रामजी बारिश के बाद फसल देखने खेत की तरफ जा रहा था तभी महिला के पति ने साथियों समेत उसे घेर लिया और हमला कर दिया।