मंदाकिनी नदी की बाढ़ का पानी उतरने के बाद चित्रकूट में सफाई अभियान तेज हो गया है। कलेक्ट्रेट के अधिकारी-कर्मचारियों ने भरत घाट पर श्रमदान किया। प्रशासन और स्थानीय निकायों की टीमें घाटों, सड़कों, बाजारों से रेत, कीचड़ और मलबा हटा रही हैं।
मंदाकिनी नदी में आई बाढ़ के बाद चित्रकूट में सामान्य स्थिति बहाल करने की कवायद तेज हो गई है। बाढ़ का पानी उतरने के बाद घाटों, सड़कों, गलियों और बाजार क्षेत्रों में जमा रेत, कीचड़ और मलबे को हटाने के लिए प्रशासन ने व्यापक सफाई अभियान शुरू किया है।
रविवार को सतना जिला कलेक्ट्रेट के अधिकारी और कर्मचारी भी श्रमदान करने चित्रकूट पहुंचे। जिला प्रशासन की टीम ने भरत घाट क्षेत्र में सफाई अभियान चलाया। अधिकारियों और कर्मचारियों ने घाट पर जमा रेत हटाने के साथ आसपास के मार्गों की भी सफाई की। सड़क किनारे जमा कीचड़ और रेत को ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में भरकर अन्य स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।
भरत घाट मार्ग से हटाई जा रही रेत और कीचड़
नयागांव बाजार में भी अधिकारियों ने संभाला मोर्चा
सफाई अभियान केवल घाटों तक सीमित नहीं है। जनपद पंचायत मझगवां के अधिकारियों और मैदानी कर्मचारियों की टीम ने नयागांव बाजार क्षेत्र में भी सफाई कार्य शुरू किया है। बाजार में जमा कीचड़, रेत और गंदगी को हटाया जा रहा है। बाढ़ के बाद बाजार क्षेत्र में जगह-जगह गंदगी जमा होने से दुकानदारों और स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। प्रशासनिक टीमों के मैदान में उतरने से लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।
नगर परिषद चित्रकूट और नगर निगम सतना की टीमें भी जुटीं
सफाई अभियान में नगर परिषद चित्रकूट और नगर निगम सतना की टीमें भी लगातार काम कर रही हैं। सफाई कर्मचारी गलियों, प्रमुख मार्गों और घाटों पर जमा रेत, कीचड़ और मलबे को हटा रहे हैं। कई स्थानों पर बड़ी मात्रा में गाद और रेत जमा होने से रास्ते प्रभावित हुए हैं, जिन्हें साफ कर आवागमन सामान्य करने का प्रयास किया जा रहा है। घाटों की सफाई पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि स्थानीय नागरिकों और श्रद्धालुओं को जल्द सामान्य सुविधाएं मिल सकें।
सामान्य स्थिति बहाल करना प्रशासन की प्राथमिकता
मंदाकिनी नदी में आई बाढ़ से चित्रकूट के कई तटवर्ती और निचले इलाके प्रभावित हुए थे। पानी उतरने के बाद अब प्रशासन के सामने प्रभावित क्षेत्रों में सामान्य जनजीवन बहाल करना बड़ी चुनौती है। इसे देखते हुए सफाई, मलबा हटाने और सड़कों को व्यवस्थित करने का काम प्राथमिकता के साथ किया जा रहा है।
रविवार को कलेक्ट्रेट के अधिकारी-कर्मचारियों के श्रमदान से यह संदेश भी गया कि बाढ़ के बाद पुनर्व्यवस्था केवल सफाई कर्मचारियों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रशासन भी प्रभावित क्षेत्रों को सामान्य स्थिति में लाने के लिए मैदान में उतरकर काम कर रहा है। स्थानीय निकायों और मैदानी कर्मचारियों की टीमें अलग-अलग क्षेत्रों में सफाई अभियान चला रही हैं। आने वाले दिनों में घाटों, बाजारों और संपर्क मार्गों से बाढ़ के कारण जमा रेत और कीचड़ को हटाकर व्यवस्था पूरी तरह सामान्य करने का प्रयास जारी रहेगा।