चित्रकूट में एक 26 साल की महिला ने अपने तीन बच्चों के साथ जहर खा लिया। उपचार के दौरान मां और उसकी दो बेटियों की मौत हो गई, जबकि चार वर्षीय बेटे की हालत गंभीर बनी हुई है।
मझगवां सिविल अस्पताल में शनिवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले के इटवां डुडैला गांव से एक महिला अपने तीन मासूम बच्चों के साथ जहर खाने के बाद इलाज के लिए पहुंची। उपचार के दौरान महिला सहित उसकी दो बेटियों की मौत हो गई, जबकि चार वर्षीय बेटा जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहा है।
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जानकारी के अनुसार 26 वर्षीय ज्योति यादव ने अपने बच्चों 8 वर्षीय बुलबुल, 5 वर्षीय तांसी और 4 वर्षीय दीपचंद के साथ जहरीला पदार्थ खा लिया। परिजनों ने चारों को तुरंत मझगवां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। जहां प्राथमिक उपचार के दौरान आठ वर्षीय बुलबुल की मौत हो गई। गंभीर हालत को देखते हुए मां ज्योति, तांसी और दीपचंद को जिला अस्पताल रेफर किया गया। यहां पहुंचते ही मां और बेटी तांसी ने भी दम तोड़ दिया। जबकि दीपचंद का उपचार जारी है और हालत नाजुक बताई जा रही है।
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मृतिका के पति बब्बू यादव ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि वह पत्नी को गुटखा खाने से मना करते थे। इसी बात को लेकर सुबह विवाद हुआ था। इसके बाद वह काम पर चले गए थे। शाम को लौटने पर घर का दरवाजा अंदर से बंद मिला। पीछे से पहुंचे तो बच्चों ने बताया कि मां ने कुछ खिला दिया है। आनन-फानन में उन्हें अस्पताल लाया गया, लेकिन तीन की जान नहीं बचाई जा सकी। घटना उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले से जुड़ी हुई है। फिलहाल मामले में पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
मेडिकल ऑफिसर प्रणव होने बताया कि हमारे पास मजगामा से एक महिला आई हुई थी जो कि पहले ही मृत हो चुकी है। इसके साथ-साथ अन्य दो लोगों की भी मौत की जानकारी मिल रही है। जिन्हें वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन पर मर्चुरी घर पर रखकर पोस्टमार्टम किया जाएगा।