सतना धूमधाम से हुई बेटी की शादी।
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सतना जिले में बेटी की डोली उठने के ठीक 2 दिन पहले नरवाई की आग ने शादी के सारे सपनों को जलाकर राख कर दिया था। पूरा परिवार इसी चिंता में डूबा था कि आखिर अब बेटी की शादी कैसे होगी, किस तरह मेहमानों और बरातियों का स्वागत सत्कार होगा। मुश्किल घड़ी में मीडिया ने इस घटना को मुहिम का रूप देकर इसे तेजी से उठाया और लोगों से इस मुहिम से जुड़ने की अपील की। मीडिया की इस मुहिम से प्रदेश के कई लोग जुड़े, राजनीतिक हस्तियों, प्रशासनिक अधिकारियों के अलावा आम लोगों ने भी पीड़ित परिवार की दिल खोलकर मदद की। लोगों की मदद से जो परिवार दो दिन तक परेशान था वह बेटी को धूमधाम से विदा कर पाया।
दरअसल सतना जिले के कोटर थाना क्षेत्र अंतर्गत करही कोठार गांव में एक मई की शाम को पराली की आग ने जमकर तांडव मचाया था, तेज हवा की वजह से नरवाई की आग ने रमेश द्विवेदी के मकान को अपनी जद में ले लिया था। आग की लपटों ने देखते ही देखते गृहस्ती के सारे सामान को जलाकर राख कर दिया था। पीड़ित परिवार के यहां 3 मई को बेटी की शादी होनी थी, दोनों ही पक्षों के लोगों ने शादी का निमंत्रण दे दिया था, लिहाजा शादी को टालना संभव नहीं था, लेकिन परिवार के सामने मजबूरी ये थी कि वह इतने कम समय में शादी की तैयारियां कैसे करें, परिजनों के सामने आर्थिक संकट भी था क्योंकि घर की माली स्थिति बहुत ज्यादा समृद्ध नहीं है।
बेहद कम समय में सरकारी सहायता मिल पाना मुश्किल था, लिहाजा मीडिया ने परिवार की मजबूरी को समझा और लोगों से मदद की अपील की। परिवार की पीड़ा को समझकर सैकड़ों लोग मदद के लिए आगे आए किसी ने नगद राशि दी तो किसी ने राशन और शादी का सामान। सतना जिला कलेक्टर ने रेडक्रॉस से 25 हजार रुपये, विधायक विक्रम सिंह ने 50 हजार रुपये, विधायक नारायण त्रिपाठी ने 25 हजार रुपये और राज्य मंत्री रामखेलावन पटेल ने 31 हजार रुपये की सहायता दी। जनप्रतिनिधियों और लोगों की मदद से द्विवेदी परिवार ने धूमधाम से बेटी की शादी की और उसे खुशी-खुशी विदा किया।