बच्चों को कपड़े बांटते हुए
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सतना जिले में कलेक्टर अनुराग वर्मा की पत्नी नेहा चौधरी वर्मा के नेतृत्व में नवाचार के रूप में बाल वस्त्र दान अभियान शुरू किया गया है। बाल कल्याण समिति और महिला बाल विकास बाल संरक्षण समिति के सहयोग से नेहा चौधरी ने 25 सितंबर से 25 अक्टूबर तक एक महीने शून्य से 18 साल तक के जरूरतमंद बच्चों के पहनने के नए और पुराने उपयोगी कपड़े इकट्ठा करने का प्रथम चरण का अभियान चलाया।
सतना शहर और तहसील मुख्यालय के शहरों में सामाजिक संस्थाओं, स्वयंसेवी संस्थाओं, शिक्षण संस्थान, व्यापारिक संस्थाओं का भरपूर सहयोग अभियान को मिला। एक महीने में लगभग 20 हजार से अधिक जरूरतमंद बच्चों के लिए नए और पुराने उपयोगी वस्त्र संग्रहित हुए।
गरीबों की मदद करते हुए
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वस्त्र दान अभियान का दूसरा चरण 3 नवंबर को सुबह मझगवां विकासखंड के पहाड़ी अंचल के आदिवासी बाहुल्य ग्राम पटनी, कानपुर और देवलहा से प्रारंभ हुआ, जिसके तहत आदिवासी, पहाड़ी अंचल के निर्धन और जरूरतमंद परिवारों के बच्चों को पहनने के नए ऊनी और गर्म कपड़े वितरित किए गए। वस्त्र वितरण कार्य की माइक्रो प्लानिंग की गई है। बाल कल्याण समिति के दफ्तर में संग्रहित कपड़ों को बच्चों की आयु के हिसाब से शॉर्टिंग की गई और आंगनवाड़ी केंद्र के माध्यम से दर्ज और जरूरतमंद बच्चों की संख्या लेकर पर्याप्त मात्रा में नए कपड़े बच्चों के लिए उपलब्ध कराए गए।
आदिवासी बाहुल्य ग्राम पटनी, कानपुर और देवलहा में कलेक्टर की पत्नी नेहा चौधरी का माल्यार्पण और पुष्प वर्षा कर ग्रामीण महिलाओं ने आत्मीय स्वागत किया। इस अवसर पर बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष राधा मिश्रा, सदस्य जान्हवी त्रिपाठी, चांदनी श्रीवास्तव, जिला कार्यक्रम अधिकारी सौरभ सिंह, एसडीएम पीएस त्रिपाठी और तहसीलदार नितिन झोंड़ भी उपस्थित रहे।