सागर में इस मूर्ति को लेकर हो रही थी धोखाधड़ी
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सागर में जैन भगवान की चमत्कारी मूर्ति बताकर धोखाधड़ी की कोशिश की गई। अनोखी और अष्टधातु की मूर्ति होने का झांसा देकर फरियादी से 50 लाख रुपए का सौदा किया गया। एडवांस के रूप में 10 हजार रुपए लिए। इसी बीच फरियादी ने मूर्ति की जांच कराई तो वह पीतल की निकली। धोखाधड़ी होने पर उन्होंने पुलिस को सूचना दी। खबर मिलते ही पुलिस ने जांच करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में उन्होंने अपना जुर्म कबूल लिया है।
पुलिस के अनुसार फरियादी अजय जैन निवासी सूबेदार वार्ड ने थाने में शिकायत करते हुए बताया कि आरोपी कंछेदी पिता जूतेलाल कुर्मी (58) निवासी ग्राम रसूलपुर (विदिशा) और सूरत पिता सुकई (43) निवासी देवलचौरी मिले। उन्होंने बताया कि हमारे पास जैन भगवान की अष्टधातु की चमत्कारिक मूर्ति है। इसकी अनुमानित कीमत करीब 50 लाख रुपये है। मूर्ति को अनोखा और चमत्कारी बताया गया। उनकी बातों में आकर फरियादी मूर्ति लेने तैयार हो गए। मूर्ति का सौदा 50 लाख रुपये में तय हुआ। 10 हजार रुपये फरियादी ने आरोपियों को एडवांस दिए। शेष रुपये घर चलकर देने का बोला।
इसी बीच फरियादी ने मूर्ति की जांच कराई तो वह पीतल की निकली। जिस पर उन्होंने तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी कंछेदी कुर्मी और सूरत चढ़ार को गिरफ्तार कर लिया। थाने लाकर पूछताछ की गई। इसमें उन्होंने बताया कि वे अलीगढ़ से पीतल की नकली मूर्तियां बनवाते हैं। मामले में पुलिस आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज कर जांच कर रही है। आरोपियों के कब्जे से जैन भगवान की एक मूर्ति और घटना में प्रयोग की गई बाइक जब्त की गई है।