दुष्कर्मी पिता को आजीवन कारावास
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बालिका के साथ जबरन दुष्कर्म करने वाले आरोपी पिता को विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) एवं नवम अपर-सत्र न्यायाधीश ज्योति मिश्रा जिला-सागर की अदालत ने दोषी करार दिया है। उसे शेष प्राकृत जीवनकाल तक के लिए आजीवन कारावास की सजा दी गई है। इसके अलावा 1,000 रुपये अर्थदंड दिया गया है। मामले की पैरवी प्रभारी उप-संचालक (अभियोजन) धर्मेन्द्र सिंह तारन के मार्गदर्शन में विशेष लोक अभियोजक मनोज पटेल ने की।
बता दें कि एक जून 2023 को शिकायतकर्ता/ पीड़िता द्वारा थाना मोतीनगर में रिपोर्ट कराई गई कि वह पढ़ी-लिखी नहीं है। घर पर अपने भाई और पिता के साथ रहती है एवं उसकी मां की मृत्यु हो चुकी है। उसके पिता की नीयत उसे लेकर ठीक नहीं थी। सोते समय वह उसके साथ गलत हरकत करते थे। उसकी नींद खुल जाने पर जब वह मना करती तो वह कहते थे कि शांत रहो किसी से कुछ कहना मत वरना उसकी मां की तरह उसे भी जान से खत्म कर देगा। डर के कारण उसने किसी से कुछ नहीं कहा। उसके पिता ने उसके साथ जबरदस्ती दुष्कर्म किया था। 31 मई 2023 की रात में फिर उसके पिता ने उसके साथ जबरदस्ती गलत काम किया। चिल्लाने पर उसका भाई जाग गया, जिसने उसे बचाने की कोशिश की तो पिता ने भाई के साथ डंडे से मारपीट की। उक्त रिपोर्ट के आधार पर थाने पर प्रकरण पंजीबद्ध कर मामला विवेचना में लिया गया और कोर्ट में पेश किया गया। सुनवाई के बाद उक्त सजा सुनाई गई।