जहरीली शराब के सेवन से हुई महिला की मौत
- फोटो : Amar Ujala
सागर जिले में जहरीली शराब का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार अब तक 13 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि सूत्रों और स्थानीय लोगों का दावा है कि यह संख्या 25 के पार पहुंच चुकी है। वहीं, विपक्षी दल मौतों का यह आंकड़ा 50 तक होने का आरोप लगा रहे हैं। इस त्रासदी की चपेट में वे लोग भी आ गए हैं, जो लंबे समय से शराब पीने के आदी थे और इसके घातक असर को नहीं झेल सके।
लंबे समय से शराब का सेवन करती थीं
ऐसा ही एक मामला बंडा तहसील के छापरी गांव से सामने आया है, जहां वर्षों से शराब पीने वाली श्यामबाई की सोमवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतका के बेटे ने बताया कि उनकी मां लंबे समय से शराब का सेवन करती थीं। घटना के दिन बेटा गांव से बाहर किसी रिश्तेदारी में गया हुआ था। इसी दौरान श्यामबाई ने गांव में अवैध रूप से बिक रही शराब मंगवाई और उसका सेवन कर लिया, जिससे उनकी तबीयत अचानक गंभीर रूप से बिगड़ गई। परिजनों ने उन्हें तुरंत बंडा के अस्पताल पहुंचाया, जहां हालत में कोई सुधार न होने पर डॉक्टरों ने उन्हें बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (BMC) रेफर कर दिया। इलाज के दौरान सोमवार को उन्होंने दम तोड़ दिया।
ये भी पढ़ें-
एमपी: पोते के नाम जमीन करना चाहते थे बुजुर्ग, बेटे ने कर दी हत्या: झाबुआ में सनसनीखेज वारदात
इस घटना के बाद से परिवार में कोहराम मचा हुआ है और अवैध शराब के खिलाफ ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। प्रशासन की ओर से इस पूरे मामले में जांच और कार्रवाई की बात कही जा रही है, लेकिन अवैध शराब के कारोबार पर लगाम न लग पाने के कारण मौतों का सिलसिला लगातार गहराता जा रहा है।