मध्य प्रदेश में मानसून अब तक सामान्य बारिश के आंकड़े तक नहीं पहुंच पाया है। प्रदेश में 790.8 मिलीमीटर यानी 31.1 इंच बारिश दर्ज हो चुकी है, जो इस अवधि के सामान्य 33.1 इंच से करीब 2 इंच कम है। कुल मिलाकर प्रदेश में सामान्य से 6 प्रतिशत कम बारिश हुई है। हालांकि, पिछले एक सप्ताह में पूर्वी मध्यप्रदेश में हुई तेज बारिश ने तस्वीर काफी बदली है।
अगले 4 दिन रीवा-शहडोल संभाग पर ज्यादा असर
मौसम केंद्र के अनुसार 11 सितंबर तक रीवा और शहडोल संभाग में तेज बारिश का दौर जारी रह सकता है। प्रदेश के बाकी हिस्सों में हल्की बारिश होने के आसार हैं। 12 सितंबर के बाद नया मौसम तंत्र सक्रिय होने पर प्रदेश के कई हिस्सों में फिर बारिश बढ़ सकती है।
12 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश
प्रदेश के भोपाल, राजगढ़, शिवपुरी, निवाड़ी, मैहर, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज और उमरिया में सामान्य से ज्यादा बारिश हो चुकी है। वहीं उमरिया, अनूपपुर, आगर-मालवा, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, ग्वालियर, गुना, दतिया, खरगोन और बुरहानपुर में सामान्य बारिश का 90 प्रतिशत से ज्यादा कोटा पूरा हो चुका है।
पूर्वी एमपी में बारिश ने पकड़ी रफ्तार, पश्चिम अब भी सूखा
मानसून ने इस बार प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्से में अलग-अलग तस्वीर दिखाई है। पूर्वी हिस्से में सामान्य से करीब 1 प्रतिशत ज्यादा बारिश हो चुकी है, जबकि पश्चिमी हिस्से में आंकड़ा 12 प्रतिशत कम है।
सबसे ज्यादा बारिश मऊगंज में 53 इंच दर्ज हुई है। इसके उलट आलीराजपुर में सिर्फ 13.6 इंच पानी गिरा है। यानी दोनों जिलों के बीच बारिश का अंतर करीब 39 इंच है। 31 जिलों में 3 से 54 प्रतिशत तक कमी प्रदेश के कई जिले अभी भी बारिश के आंकड़ों में पीछे हैं। बालाघाट, छिंदवाड़ा, डिंडौरी, दमोह, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य से 3 से 23 प्रतिशत तक कम बारिश हुई है।पश्चिमी हिस्से के आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में कमी 7 से 54 प्रतिशत तक है।
जून की कमी अभी तक पूरी नहीं
इस मानसून की शुरुआत प्रदेश के लिए कमजोर रही। जून में सामान्य से 14 प्रतिशत कम बारिश हुई। जुलाई में बारिश ने रफ्तार पकड़ी, लेकिन मानसून में दो बार ब्रेक आने से कई दिन सूखे रहे। अगस्त में भी अच्छी बारिश हुई और जुलाई-अगस्त में बारिश का आंकड़ा सुधरा, लेकिन जून की कमी पूरी नहीं हो सकी।
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बारिश से कहीं राहत, कहीं नुकसान
सोमवार को इंदौर में करीब 2 इंच बारिश हुई। बारिश के दौरान कार पर पेड़ गिरने से एक महिला की मौत हो गई। पीथमपुर में भी कई दिनों बाद तेज बारिश हुई। भिंड के अंबाह में क्वारी नदी का जलस्तर बढ़ने से रूपाहटी के पास पुल क्षतिग्रस्त हो गया। आष्टा में भी तेज बारिश दर्ज की गई। प्रदेश में सामान्य मानसूनी बारिश 37.3 इंच मानी जाती है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में सामान्य बारिश करीब 38 से 39 इंच रहती है। अभी सीजन खत्म होने से पहले बारिश की भरपाई की उम्मीद बनी हुई है।