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Sagar: आचार्य श्री विद्यासागर जी ने सागर को अस्पताल बनवा कर दिया, साढ़े तीन सौ लोगों को दिलाई दीक्षा

Sun, 18 Feb 2024 07:22 PM IST
दिनेश शर्मा अमर उजाला, न्यूज डेस्क, सागर

सार

आचार्य श्री विद्यासागर जी बुंदेलखंड के हृदय स्थल सागर को एक विशाल अस्पताल बनवा कर दिया, जिसका नाम भागवत तीर्थ है। इसके साथ-साथ गोपालगंज में एक बड़ा जैन मंदिर और रहली में भी जैन मंदिर की नींव रखी, जो निर्माणाधीन है। 
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जैन मुनि आचार्य विद्यासागर जी महाराज - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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विख्यात जैन संत आचार्य श्री विद्यासागर महाराज का डोंगरगढ़ में समाधि शरण हो गया, जिसके बाद पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई। बुंदेलखंड के हृदय स्थल कहे जाने वाले सागर से भी आचार्यश्री को लगाव रहा। उन्होंने सागर को विशाल अस्पताल बनवाकर दिया। साथ ही यहां के साढ़े तीन सौ लोगों को दीक्षा देकर शिष्य बनाया। 
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बता दें कि आचार्यश्री विद्यासागर का जन्म 10 अक्टूबर 1946 को कर्नाटक प्रांत के बेलगांव जिले के सदलगा गांव में हुआ था। उन्होंने 30 जून 1968 को राजस्थान के अजमेर नगर में अपने गुरु आचार्यश्री ज्ञानसागर जी महाराज से मुनिदीक्षा ली थी। आचार्यश्री ज्ञानसागर जी महाराज ने उनकी कठोर तपस्या को देखते हुए उन्हें अपना आचार्य पद सौंपा था। आचार्यश्री विद्यासागर 1975 के आसपास बुंदेलखंड आए थे। वे बुंदेलखंड के जैन समाज की भक्ति और समर्पण से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने अपना अधिकांश समय बुंदेलखंड में व्यतीत किया। आचार्यश्री ने लगभग 350 दीक्षाएं दी हैं। उनके शिष्य पूरे देश में विहारकर जैनधर्म की प्रभावना कर रहे हैं। 

आचार्य श्री विद्यासागर जी बुंदेलखंड के हृदय स्थल सागर को एक विशाल अस्पताल बनवा कर दिया, जिसका नाम भागवत तीर्थ है। इसके साथ-साथ गोपालगंज में एक बड़ा जैन मंदिर और रहली में भी जैन मंदिर की नींव रखी, जो निर्माणाधीन है। 
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