बुंदेलखंड अंचल में विवाह को लेकर अभी तक पूर्णतः जनजागृति नहीं लाई जा सकी है। यहां ग्रामीण इलाकों में आज भी चोरी-छिपे नाबालिग लड़का-लड़की की शादी कर दी जाती है। ऐसा ही एक मामला सागर जिले की सुरखी विधानसभा क्षेत्र से सामने आया, जहां दो नाबालिगों का विवाह उनके परिजन चोरी-छिपे करने जा रहे थे। इसे पुलिस की विशेष शाखा ने रुकवा दिया।
सुरखी विधानसभा के ग्राम हीरापुर में बाल विवाह की सूचना मिलने पर महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम और सुरखी पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए इस बाल विवाह को रोक दिया। दरअसल, बाल विवाह की सूचना विशेष किशोर इकाई की ज्योति तिवारी को मिली थी। इसके बाद उन्होंने महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम के साथ मिलकर कार्रवाई की।
इकाई की टीम के एक सदस्य ने बताया कि इस मामले में लड़के की उम्र मात्र 17 वर्ष थी और लड़की की उम्र 15 वर्ष थी, दोनों ही नाबालिग थे। बताया गया है कि पुलिस को सूचना मिलने पर दूल्हे को 3 घंटे तक छिपाकर रखा गया। पुलिस टीम ने दोनों पक्षों को समझाइश दी और बारात को वापस कर दिया। इस कार्रवाई में विशेष किशोर इकाई की ज्योति तिवारी, महिला एवं बाल विकास विभाग से अरुण सिंह, परियोजना अधिकारी, सुपरवाइजर प्रतिभा राजपूत, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सुरखी पुलिस शामिल रही।