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सागर: खेत में पड़ी शराब पीते ही बिगड़ी युवक की हालत, अस्पताल से छुट्टी के बाद की कम दिखाई देने की शिकायत

Thu, 08 Oct 2026 10:08 AM IST
सागर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सागर

सार

खेत के पास मिली अवैध शराब पीने से 32 वर्षीय युवक की तबीयत बिगड़ गई। बीएमसी में पांच दिन इलाज के बाद उसे छुट्टी दे दी गई। परिजनों का दावा है कि शराब पीने के बाद उसकी आंखों की रोशनी कमजोर हो गई है।
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युवक फूलचंद अहिरवार - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बंडा के बिनायका थाना क्षेत्र के उजनेठी गांव में जहरीली शराब कांड से जुड़ा एक और मामला सामने आया है। यहां खेत के पास फेंकी गई अवैध शराब पीने से 32 वर्षीय युवक की तबीयत बिगड़ गई। उसे बंडा सिविल अस्पताल से सागर के बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (बीएमसी) रैफर किया गया, जहां पांच दिन इलाज चला। अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद परिजनों ने उसकी आंखों की रोशनी कमजोर होने का दावा किया है।

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खेत के पास मिली थी शराब
उजनेठी निवासी फूलबाई अहिरवार के अनुसार उनका 32 वर्षीय बेटा फूलचंद 22 सितंबर को मवेशियों को लेकर खेत गया था। इसी दौरान रास्ते में उसे फेंकी हुई शराब मिली, जिसे उसने पी लिया। शराब पीने के कुछ देर बाद ही उसकी तबीयत बिगड़ गई। परिजन उसे तत्काल बंडा सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे सागर के बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज रैफर कर दिया।

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बीएमसी में पांच दिन चला इलाज
परिजनों के मुताबिक फूलचंद को 24 सितंबर को बीएमसी के आई वार्ड में भर्ती कराया गया था। यहां उसका करीब पांच दिनों तक इलाज चला। इसके बाद 29 सितंबर को उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। परिजनों का कहना है कि शराब पीने के बाद उसकी आंखों में तेज जलन हुई थी और अब उसे पहले की तुलना में काफी कम दिखाई दे रहा है। हालांकि आंखों की समस्या की वास्तविक वजह और शराब की प्रकृति को लेकर चिकित्सकीय पुष्टि सामने आना बाकी है।

बता दें कि बंडा क्षेत्र में सामने आए जहरीली शराब कांड के दौरान कई लोगों को आंखों से जुड़ी गंभीर समस्याएं हुई थीं। बीएमसी के डीन डॉ. राजेश जैन के अनुसार करीब 74 मरीज ऐसे सामने आए थे, जिन्हें आंखों में परेशानी थी और उनका बीएमसी में इलाज किया गया। डीन के मुताबिक ज्यादातर मरीजों की दृष्टि इलाज के बाद ठीक हो गई थी, जबकि कुछ गंभीर मरीजों को बेहतर उपचार के लिए भोपाल रैफर किया गया था।
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फिलहाल फूलचंद की आंखों की स्थिति को लेकर परिजनों की ओर से किए गए दावे और चिकित्सकीय स्थिति की विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है। मामले में संबंधित अधिकारियों की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि युवक ने जो शराब पी थी, वह जहरीली थी या नहीं।

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