फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

महाशिवरात्रि 2026: 'खेजरा धाम' में विराजे बाबा महाकाल, 108 पुष्य नक्षत्रों में पूर्ण हुआ भव्य मंदिर निर्माण

Sun, 15 Feb 2026 01:44 PM IST
सागर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सागर

सार

Khejra Dham: सागर जिले के खेजरा धाम में बाबा महाकाल का मंदिर 108 पुष्य नक्षत्रों में निर्मित हुआ है। उज्जैन की तर्ज पर बने इस धाम में महाशिवरात्रि पर विशेष आयोजन हो रहा है और यह बुंदेलखंड का प्रमुख आस्था केंद्र बनकर उभरा है।
विज्ञापन
महाशिवरात्रि के अवसर पर 'खेजरा धाम' में विराजे बाबा महाकाल - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मध्य प्रदेश के सागर जिले में बांदरी कस्बे के पास नेशनल हाईवे-44 पर स्थित ‘खेजरा धाम’ में बाबा महाकाल का भव्य मंदिर बनकर तैयार हो चुका है। बुंदेलखंड की धरा पर स्थापित यह मंदिर श्रद्धालुओं को उज्जैन जैसा आध्यात्मिक अनुभव प्रदान कर रहा है। मंदिर निर्माण की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसे केवल पुष्य नक्षत्र में ही निर्मित किया गया है।

विज्ञापन

 
108 पुष्य नक्षत्रों में पूर्ण हुई निर्माण प्रक्रिया
इस मंदिर का निर्माण सामान्य प्रक्रिया के तहत नहीं हुआ। पंडित महेश तिवारी के संकल्प से प्रारंभ हुए इस कार्य को केवल पुष्य नक्षत्र के दौरान ही आगे बढ़ाया जाता था, जबकि शेष 27 दिनों में निर्माण की तैयारियां की जाती थीं। वर्ष 2015 में शुरू हुआ यह निर्माण कार्य अब 52 फीट ऊंचे शिखर तक पहुंच चुका है। कुल 108 पुष्य नक्षत्रों में काम करते हुए मंदिर को वर्तमान स्वरूप दिया गया है।

विज्ञापन

 
महाकालेश्वर मंदिर की तर्ज पर वास्तुशिल्प
खेजरा धाम को उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर की प्रतिकृति के रूप में विकसित किया गया है। मंदिर का गर्भगृह दक्षिणमुखी बनाया गया है, जैसा उज्जैन में है और इसमें वास्तु का विशेष ध्यान रखा गया है। प्रवेश द्वार गुफानुमा शैली में निर्मित है, जिससे भक्तों को वैसा ही अनुभव हो सके जैसा उज्जैन में होता है। मंदिर के ऊपरी तल पर भगवान नागचंद्रेश्वर का मंदिर भी बनाया जा रहा है, जिसके पट वर्ष में केवल एक बार नाग पंचमी पर खुलेंगे। परिसर में महाकाल उपवन और रुद्र सागर तालाब का भी निर्माण किया गया है।
 
पंडित महेश तिवारी का संकल्प और साधना
इस मंदिर निर्माण के पीछे पंडित महेश तिवारी की विशेष भूमिका रही है। तीन विषयों में एमए और समाजशास्त्र में पीएचडी करने के साथ-साथ कई सरकारी नौकरियों का अनुभव रखने वाले पंडित महेश तिवारी ने अध्यात्म को अपना मार्ग चुना। उज्जैन में कई वर्ष बिताने के बाद उन्होंने अपने गांव को ‘महाकाल धाम’ के रूप में विकसित करने का संकल्प लिया और उसी दिशा में कार्य किया।

पढ़ें- Mahashivratri 2026: भोपाल के प्राचीन बड़वाले महादेव मंदिर पहुंचे CM मोहन यादव, शिव बारात को किया रवाना
विज्ञापन

 
महाशिवरात्रि पर ‘नव शिवरात्रि’ आयोजन
इस वर्ष 15 फरवरी को महाशिवरात्रि के अवसर पर यहां ‘नव शिवरात्रि’ के रूप में विशेष आयोजन किया जा रहा है। भगवान के विवाह के सभी संस्कार वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार संपन्न हो रहे हैं। श्रद्धालुओं के लिए मंदिर के पट सुबह 4 बजे से रात 12 बजे तक खुले रखे गए हैं।
 
एक परिसर में त्रिवेणी दर्शन की व्यवस्था
मंदिर परिसर में दाईं ओर रामराजा सरकार (ओरछा) और बाईं ओर राधा-कृष्ण का दरबार सजाया गया है। इस प्रकार एक ही स्थल पर विभिन्न स्वरूपों के दर्शन की व्यवस्था की गई है, जिससे खेजरा धाम बुंदेलखंड के प्रमुख आस्था केंद्र के रूप में उभर रहा है।


और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें