सागर जिले के गढ़ाकोटा में मंगलवार रात एक कैंसर पीड़ित युवक ने नशे की हालत में मंदिर में तोड़फोड़ कर दी। उसने भगवान शनिदेव की प्रतिमा और शिवलिंग को क्षतिग्रस्त कर दिया। सुबह जब श्रद्धालु पूजा के लिए पहुंचे और खंडित प्रतिमाएं देखीं, तो मंदिर परिसर में हंगामा खड़ा हो गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की।
भगवान से नाराज था आरोपी
पुलिस पड़ताल में पता चला कि यह हरकत मंदिर के सामने रहने वाले उमेश कुर्मी (35 वर्ष) ने की है। जब पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की, तो उसने बताया कि भगवान ने उसे अपाहिज बना दिया और अब मौत भी नहीं दे रहा है। इसी गुस्से में उसने मंदिर में तोड़फोड़ की।
बीमारी और अकेलेपन से था परेशान
गढ़ाकोटा थाना प्रभारी रजनीकांत दुबे के अनुसार, उमेश कुर्मी कैंसर से पीड़ित है। बीमारी के कारण उसका एक पैर काटना पड़ा, वहीं पत्नी भी उसे छोड़कर चली गई। अब वह घर में अकेले रहता है और मानसिक तनाव से गुजर रहा था। मंगलवार रात नशे की हालत में उमेश मंदिर पहुंचा और शनिदेव की प्रतिमा तथा शिवलिंग के आसपास तोड़फोड़ कर दी। इसके बाद वह अपने घर गया और खुद को कमरे में बंद कर लिया। सुबह जब लोगों को घटना की जानकारी मिली, तो आक्रोश फैल गया।
पुलिस ने समझाइश के बाद किया गिरफ्तार
सुबह जब उमेश ने घर में भी तोड़फोड़ शुरू कर दी, तो पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उसे समझाइश देकर दरवाजा खुलवाया। इसके बाद उसे अभिरक्षा में लिया गया।
हिंदू संगठनों ने किया प्रदर्शन, कार्रवाई की मांग
घटना के बाद हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता थाने पहुंचे और ज्ञापन सौंपकर आरोपी पर सख्त कार्रवाई की मांग की। श्रद्धालुओं की नाराजगी को देखते हुए पुलिस ने मूर्तियों को खंडित करने के आरोप में उमेश कुर्मी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया।
मामले की जांच जारी
पुलिस अब यह जांच कर रही है कि युवक ने इस घटना को अकेले अंजाम दिया या किसी ने उसे उकसाया था। फिलहाल, इलाके में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है और पुलिस पूरी स्थिति पर नजर रखे हुए है।
तोड़फोड़