बुंदेलखंड अंचल में आज भी किसी को अगर सर्प काट ले तो अधिकांश लोग आज भी अस्पताल की जगह झाड़ फूक में फंसकर जान गंवा देते हैं। ऐसा ही एक मामला जिले की रहली तहसील क्षेत्र के एक गांव में सामने आया, जहां सांप के काटने का शिकार हुई 11 वर्ष की बच्ची की झाड़ फूंक के चक्कर में जान चली गई।
ये भी पढ़ें-
दमोह की सड़कों पर हर माह 70 हादसे व मौतें, कारण जानने भोपाल से आई टीम, तेंदूखेड़ा में सबसे ज्यादा
जानकारी के अनुसार देर रात घर के मटके से पानी पीने गई बच्ची को अंधेरे में सांप ने डस लिया था। परिजन उसे अस्पताल की जगह करीब 15 किलोमीटर दूर किसी तांत्रिक के पास झाड़ फूंक कराने ले गए, जहां तांत्रिक ने कुछ ढकोसलेबाजी करके बच्ची को अस्पताल ले जाने को बोल दिया। अस्पताल में बच्ची की मौत होने के बाद भी परिजनों को समझ नहीं आई, और मृत बच्ची के शव को लेकर रहली के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से करीब 10 किलोमीटर दूर किसी अन्य तांत्रिक के पास ले गए और बच्ची को दोबारा जिंदा करने की बात करने लगे। ग्रामीणों की समझाइश पर परिजन बच्ची के शव को लेकर वापस अस्पताल पहुंचे और फिर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
ये भी पढ़ें-
स्कार्पियो और छोटा हाथी में शराब तस्करी, पुलिस ने पकड़ा, चार लाख की अवैध शराब बरामद
सागर जिले के रहली थाना क्षेत्र अंतर्गत हिनौती गांव में बीती रात 11 वर्षीय मासूम अंधविश्वास की बलि चढ़ गई। परिजनों के अंधविश्वास के चलते मासूम बच्ची की जान चली गई। दरअसल बीती रात लगभग 1 बजे बच्ची उठकर पानी पीने गई। जहां मटके के बाजू में बैठे एक सांप ने 11 वर्षीय वैशाली अहिरवार को डंस लिया। सांप के काटते ही जहर ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया और बच्ची बेहोश होने लगी। परिजनों को पता चलते ही परिजन उसे अस्पताल ले जाने की जगह अपने घर से करीब 15 किलोमीटर दूर अचलपुर गांव में झाड़ फूंक करवाने किसी तांत्रिक के पास ले गए। तांत्रिक ने कुछ ढकोसलेबाजी करके परिजनों को बच्ची के ठीक हो जाने का आश्वासन दिया और अस्पताल जाने को बोल दिया। सुबह लगभग 4 बजे परिजन अधमरी हालत में बच्ची को लेकर अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टर ने इलाज शुरू तो किया लेकिन कुछ ही देर में बच्ची की मौत हो गई। लेकिन अंधविश्वास की हद इतनी है कि मासूम की जान निकलने के बाद भी परिजनों का विश्वास झाड़ फूंक से नहीं हटा, और मृत बच्ची के शव को लेकर करीब 10 किलोमीटर दूर बादीपुरा नामक एक गांव में किसी अन्य तांत्रिक के पास पहुंच गए, जहां दोबारा झाड़ फूंक करके बच्ची को जिंदा करने की बात करने लगे। ग्रामीणों की समझाइश पर परिजन बच्ची के शव को लेकर वापस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रहली पहुंचे, जहां जानकारी मिलते ही रहली थाना पुलिस ने मार्ग कायम किया है, और बच्ची के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
सर्प दंश से मृत हुई बच्ची