बीमार बेटी को गोद में लेकर एसपी ऑफिस पहुंचा पिता
- फोटो : अमर उजाला
जिले से रिश्तों को झकझोर देने वाला एक मार्मिक मामला सामने आया है। यहां एक व्यक्ति ने अपनी बीमार पत्नी को घर से निकाल दिया और उसकी दुधमुंही बच्ची को भी उससे अलग कर दिया। बुधवार को पीड़िता अपने परिजनों के साथ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंची, जहां उसके पिता उसे गोद में उठाकर अधिकारियों के सामने न्याय की गुहार लगाते नजर आए।
जानकारी के अनुसार थाना खिमलासा क्षेत्र के ग्राम भारछा निवासी भारती अहिरवार का विवाह फरवरी 2023 में बीना के टपरिया निवासी हरिओम अहिरवार से हुआ था। भारती इन्फिनिटी कॉलेज से बीटेक की छात्रा है। परिजनों ने विवाह में अपनी क्षमता अनुसार नकद राशि, बाइक और घरेलू सामान दिया था।
आरोप है कि विवाह के कुछ समय बाद ही पति ने अतिरिक्त दहेज की मांग को लेकर उसे प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। पीड़िता का कहना है कि उससे 4 लाख रुपये और कार की मांग की जा रही थी। इसी बीच वह टीबी जैसी गंभीर बीमारी की चपेट में आ गई। परिजनों का आरोप है कि बीमारी का पता चलते ही पति ने इलाज कराने के बजाय उसे घर से निकाल दिया और उसकी बच्ची को अपने पास रख लिया। वर्तमान में पीड़िता की हालत इतनी खराब है कि वह ठीक से चल-फिर भी नहीं पा रही है।
ये भी पढ़ें: Ratlam News: 20 हजार की रिश्वत लेते रंगेहाथ धराया पटवारी, कृषि भूमि का सीमांकन करने के लिए ली थी रिश्वत
पिता की गोद में पहुंची एसपी ऑफिस
बुधवार को पीड़िता अपने पिता, भाई और बहन के साथ एसपी कार्यालय पहुंची। वहां उसके बुजुर्ग पिता उसे गोद में उठाकर अधिकारियों के कक्ष तक ले गए। इस दृश्य को देखकर मौजूद लोग भावुक हो गए। पीड़िता ने एडिशनल एसपी डॉ. संजीव उईके को आवेदन देकर न्याय की मांग की है।
पीड़िता का आरोप है कि वह पिछले एक साल से न्याय के लिए भटक रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उसका इलाज बीएमसी सागर और नौगांव में चला लेकिन इस दौरान पति ने उसकी कोई मदद नहीं की। गंभीर बीमारी और पारिवारिक संकट के बावजूद भारती ने हार नहीं मानी है। वह आगे एमटेक कर आत्मनिर्भर बनना चाहती है और अपनी बेटी की बेहतर परवरिश करना चाहती है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एडिशनल एसपी डॉ. संजीव उईके ने पीड़िता की शिकायत के आधार पर संबंधित थाना पुलिस को जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।