Damoh: 15 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों धराया बीएमओ
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जिले के तेंदुखेड़ा के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के बीएमओ को 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते लोकायुक्त पुलिस ने गिरफ्तार किया है। वह स्वास्थ्य विभाग में अटैच गाड़ियों के बिल पास कराने के बदले रिश्वत मांग रहा था।
लोकायुक्त पुलिस के अनुसार जबलपुर नाका निवाली आज़म असगर अली खान ने लोकायुक्त में शिकायत की थी। बताया था कि दमोह जिले के तेंदुखेड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के बीएमओ डॉ. प्रोमी कोष्टा द्वारा कोविड काल के दौरान उपयोग किए गए वाहनों के बिल 4 लाख रुपये की राशि का भुगतान करने में आनाकानी कर रहा है। वाहनों के बिल के संबंध में कई बार गुहार लगाई, आवेदन किए। पर डॉ. प्रोमी कोष्टा इसके बदले में 10 प्रतिशत कमीशन बतौर रिश्वत मांग रहा था। शिकायत के आधार पर मंगलवार को टीम ने आजम को बीएमओ के पास 15 हजार रुपये लेकर भेजा। स्वास्थ्य केंद्र में बीएमओ के निवास में ही 15 हजार रुपये की नकद रिश्वत लेते हुए डॉ. प्रोमी कोष्टा को रंगे हाथों पकड़ा।
बता दें कि 25 जनवरी को ही दमोह जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय में संचालित आदिम जाति कल्याण विभाग में बाबू के पद पर पदस्थ पीएल कोरी को लोकायुक्त ने 3000 रुपये की लेते गिरफ्तार किया था। मामला जिले के पथरिया विकासखंड के अंतर्गत आने वाले लखरोनी गांव का था। लखरोनी गांव के रहने वाले रेवाराम अहिरवार ने लोकायुक्त से बाबू के रिश्वत मांगने की शिकायत की थी।