रीवा का वागीशा तिवारी ने NEET में नंबर कम आने पर बिल्डिंग से कूदकर जान दे दी।
- फोटो : सोशल मीडिया
राजस्थान की कोचिंग नगरी कोटा में फिर एक छात्रा ने आत्महत्या कर ली। NEET (नेशनल एलिजिबिलिटी का एंट्रेंस टेस्ट) में कम नंबर आने पर परेशान रीवा की बेटी वागीशा ने बिल्डिंग की पांचवीं मंजिल से कूदकर जान दे दी। कल रीवा में वागीशा का अंतिम संस्कार किया जाएगा।
बता दें कि रीवा की रहने वाली 18 वर्षीय एक छात्रा वागीशा तिवारी कोटा में रहकर नीट की तैयारी कर रही थी। 4 जून को नीट का रिजल्ट आया था, जिसमें छात्रा को कम नंबर आए थे, तभी से वो परेशान थी। बुधवार शाम को उसने पांचवीं मंजिल से छलांग लगाकर जान दे दी। उसके कूदने का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है।
जानकारी के मुताबिक रीवा जिले के गढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत कटरा के मढ़ी कुढिला गांव में रहने वाले विनोद तिवारी की 18 वर्षीय बेटी वागिशा तिवारी दो साल पहले 11वीं कक्षा में पढ़ाई करती थी। उसका मन NEET करने का था। वागीशा मां और अपने छोटे भाई के साथ कोटा में पढ़ाई करने गई थी। वह कोटा के पुखराज एलिमेंट बिल्डिंग की पांचवीं मंजिल पर फ्लैट नंबर 503 में रहती थी। छोटा भाई 11वीं का छात्र था और कोटा में ही रहकर वह भी JEE की तैयारी कर रहा है। मंगलवार को छात्रा का NEET का रिजल्ट आया था। वागीशा को 700 में से 320 नंबर प्राप्त हुए थे। रिजल्ट में कम नंबर मिलने की वजह से वह डिप्रेशन में थी। बुधवार की शाम तकरीबन चार बजे छात्रा की मां अपने कमरे में सो रही थी। उसी दौरान छात्रा बिल्डिंग से कूद गई।
दो दिन पहले पिता ने की थी बात
बिल्डिंग से कूदने की जानकारी पुलिस ने वागिशा के पिता को दी। पिता विनोद तिवारी रीवा के पीडब्ल्यूडी कार्यालय में इंजीनियर के पद पर पदस्थ हैं। एक मीडिया हाउस को जानकारी देते हुए विनोद तिवारी ने बताया कि 'बेटी ने आत्मघाती कदम उठाया है। दो दिन पूर्व ही फोन पर वागिशा से बातचीत हुई थी। उसने NEET के रिजल्ट में मिले कम मार्क्स मिलने की जानकारी दी थी। शायद वह डिप्रेशन में थी। इसके लिए मेरे द्वारा मोटिवेट करते हुए यह कहा गया की बेटे यह फर्स्ट अटैंप है। वगीशा होनहार छात्रा थी, लेकिन अचानक उसके द्वारा उठाए गए आत्मघाती कदम से मन काफी व्यथित है।
घटना की जानकारी लगते ही परिजन कोटा के लिए रवाना हो गए थे। बेटी का शव लेकर वे रीवा के लिए निकल गए हैं। देर रात वे वन ग्राम गढ़ के कटरा पहुंचेंगे। इसके बाद शुक्रवार की सुबह वागिशा का अंतिम संस्कार किया जाएगा।