रीवा जनपद पंचायत की सीईओ और बाबू को 6500 रुपयों की रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया है।
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रीवा जनपद पंचायत की सीईओ और बाबू को 6500 रुपयों की रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। उन्होंने ये रकम समन्वयक अधिकारी के वेतन भुगतान के एवज में मांगी थी। इसमें पांच हजार रुपये सीईओ के और 1500 रुपये बाबू को मिलना थे। रीवा लोकायुक्त ने दोनों को हिरासत में ले लिया।
जानकारी के अनुसार फरियादी समन्वयक संजीव पाण्डेय ने रीवा लोकायुक्त को शिकायत की थी। उन्होंनें बताया कि दो माह से वे बीमार थे जिसकी लिखित सूचना कार्यालय को दी गई थी। इसके बाद जब वे कार्यालय में वेतन लेने पहुंचे तो सीईओ विजय लक्ष्मी मरावी द्वारा बाबू महेन्द्र वर्मा को भेजा गया, जिसने वेतन भुगतान के एवज में 6500 रुपयों की मांग की। लोकायुक्त टीम ने जांच के बाद शिकायत सही पाई।
योजना बनाकर फरियादी को रिश्वत देने के लिए आरोपियों के बताए स्थान पर भेजा गया। बुधवार सुबह कार्यालय में फरियादी रिश्वत की राशि लेकर आरोपी बाबू महेन्द्र वर्मा के पास पहुंचे। घूस की राशि दी, जिसके बाद बाबू ने जनपद सीइओ विजय लक्ष्मी मरावी को उनका हिस्सा पहुंचाया। तभी लोकायुक्त की टीम ने ट्रेप कर दोनों को रंगे हाथों पकड़ लिया। रीवा लोकायुक्त के एसपी ने बताया कि रिश्वत के 5000 रुपये की राशि आरोपी जनपद सीइओ विजय लक्ष्मी मरावी व 1500 की राशि आरोपी बाबू महेंद्र वर्मा के पास से बरामद की गई। इसके बाद दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।