स्कूल शिक्षा विभाग ने ओबीसी को 27% आरक्षण देने के आदेश के खिलाफ मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दाखिल हुई है। इस पर सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस रवि विजय कुमार मथिमल और जस्टिस विजय कुमार शुक्ला की बेंच ने सरकार को नोटिस जारी कर चार दिन में जवाब मांगा है। अगली सुनवाई 12 नवम्बर को होगी।
याचिकाकर्ता शांतिलाल जोशी समेत चार लोगों ने यह याचिका दाखिल की है। कहा गया था कि हाईकोर्ट ने आधा दर्जन याचिकाओं पर प्रदेश में 27% ओबीसी आरक्षण देने पर रोक लगाई थी। रोक हटाने का आवेदन भी खारिज किया था। साथ ही अंतिम सुनवाई करना तय किया है। इसके बाद भी राज्य सरकार ने उच्च माध्यमिक शिक्षक पद के चयन में 27% ओबीसी आरक्षण लागू किया है।
याचिका में कहा गया है कि सामान्य प्रशासन विभाग ने महाधिवक्ता की राय का हवालादेते हुए एक सर्कुलर जारी किया है। इसमें कहा गया है कि हाईकोर्ट ने जिन प्रकरणों में रोक लगा रखी है, उनके अलावा अन्य विभागों में 27% ओबीसी आरक्षण लागू हो सकता है। इस सर्कुलर के आधार पर लोक शिक्षण आयुक्त ने उच्च माध्यमिक शिक्षक पद के चयन में 27% ओबीसी आरक्षण लागू कर अंतिम सूची जारी कर दी है। याचिका में स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव एसआर उमाशंकर, सामान्य प्रशासन विभाग की सचिव इंदिरा मिश्रा तथा लोक शिक्षण आयुक्त अभय वर्मा को पार्टी बनाया गया था। याचिकाकर्ता की तरफ से अधिवक्ता आदित्य संघी ने पैरवी की।