रतलाम जिले के बाजना थाना क्षेत्र के ग्राम भोजपुरा में गाय चोरी कर उसे काटकर खाने का मामला सामने आया है। गाय मालिक की शिकायत के अनुसार, तीन लोगों ने भील समाज की पंचायत में गाय चोरी करने और उसे काटकर खाने की बात स्वीकार की। आरोपियों ने गाय के बदले दो अन्य गाय देने की पेशकश भी की, लेकिन फरियादी ने अपनी ही गाय लौटाने की मांग की। इसके बाद उसने बाजना थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
गर्भवती गाय घर के सामने से हुई चोरी
पुलिस के अनुसार, फरियादी वीपी सिंह खराड़ी निवासी ग्राम भोजपुरा खेती-किसानी करते हैं। उनके पास दो बैल और तीन गाय हैं। शिकायत के मुताबिक, 16 अक्टूबर 2026 की रात करीब 10 बजे घर के सामने बंधी उनकी गर्भवती गाय चोरी हो गई थी। काफी तलाश करने के बाद भी गाय का पता नहीं चला।
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इसके बाद वीपी सिंह को कुछ लोगों पर संदेह हुआ। 17 अक्टूबर को वह अपने भाई मांगीलाल और हितेश के साथ ग्राम हलकारा खुर्द पहुंचे। वहां उन्होंने वालू पिता नारजी मईडा, दिनेश पिता दोलसिंह मईडा और मंगलु पिता खुमचंद हारी से गाय के बारे में पूछताछ की। आरोप है कि वालू ने गाय ले जाने से इनकार करते हुए कहा कि वह ग्राम कुंदनपुर में अपनी बेटी के यहां से एक बैल लेकर आया है।
पंचायत में गाय काटकर खाने की बात स्वीकारने का आरोप
शिकायतकर्ता के मुताबिक, संदेह होने पर उसने कुंदनपुर जाकर वालू की बेटी और आसपास के लोगों से पूछताछ की। वहां उसे बताया गया कि वालू बैल लेकर नहीं आया था। इसके बाद 18 से 21 अक्टूबर के बीच ग्राम हलकारा खुर्द में भील समाज की पंचायत बुलाई गई।
पंचायत में आरोपियों ने कथित तौर पर गाय चोरी करने की बात स्वीकार की और बदले में दो गाय देने की पेशकश की। हालांकि, वीपी सिंह और उसके परिजन अपनी गाय वापस लेने की मांग पर अड़े रहे। आरोप है कि इस पर तीनों ने बताया कि गाय को काटकर खा गए हैं।
पुलिस ने दर्ज किया मामला
पंचायत के बाद वीपी सिंह खराड़ी ने बाजना थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने वालू मईडा, दिनेश मईडा और मंगलु हारी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 303(2) और मध्य प्रदेश गोवंश वध प्रतिषेध अधिनियम, 2004 की धारा 4/9 के तहत प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। आरोपों की पुष्टि जांच के बाद होगी।