मध्यप्रदेश के रतलाम जिले में स्थित मलवासा गांव के एक सरकारी विद्यालय में वीर सावरकर के कवर वाली कॉपियां बांटने पर प्राचार्य आरएन केरावत को निलंबित कर दिया गया था। जिसके बाद से ही विद्यालय के छात्रों द्वारा निलंबन के खिलाफ प्रदर्शन किया जा रहा है। वहीं, मंगलवार को भाजपा विधायक दिलीप मकवाना छात्रों के समर्थन में आए और प्रदर्शन में शामिल हुए।
भाजपा विधायक मकवाना ने छात्रों के प्रदर्शन को जायज ठहराया और प्राचार्य के निलंबन को गलत बताया। विधायक ने कहा कि प्राचार्य के खिलाफ की गई कार्रवाई गलत है। यदि उन्हें जल्दी बहाल नहीं किया जाता है तो विरोध जारी रहेगा।
गौरतलब हो कि मलवाला के सरकारी विद्यालय में वीर सावरकर के कवर वाली कॉपियां बांटने पर विवाद खड़ा हो गया था। यहां बीते साल चार नवंबर को भाजपा के एनजीओ प्रकोष्ठ ने बच्चों को वीर सावरकर के कवर वाली कॉपी बांटी थीं। इस मामले को लेकर किसी ने शिक्षा विभाग में शिकायत कर दी। मामले की जांच के आदेश दिए गए और जांच में केरावत दोषी पाए गए। इसके बाद उज्जैन कमिश्नर अजीत कुमार ने प्राचार्य को निलंबित कर दिया।
बच्चों ने किया कार्रवाई का विरोध
प्राचार्य पर कार्रवाई के बाद इस पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया और विद्यालय के बच्चे भी कार्रवाई के विरोध में उतर गए। बच्चों ने विद्यालय में इकट्ठा होकर कार्रवाई के विरोध में नारेबाजी की और फैसला वापस लेने की मांग की, जबकि भाजपा के एनजीओ प्रकोष्ठ ने भी निलंबन वापस लेने की मांग की।
प्राचार्य ने मानी गलती
इस मामले को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी का कहना था कि बिना अनुमति के यह कॉपियां बांटी गई थीं। प्राचार्य ने शिक्षा विभाग से इसे बंटवाने से पहले कोई अनुमति नहीं ली थी। यह बात खुद प्राचार्य ने स्वीकार की है।