सालभर पहले तीन लोगों ने महिला से दुष्कर्म किया था। महिला व उसके पति को धमकाया था कि रिपोर्ट मत करना। तभी से पति अपमान का दंश झेल रहा था। उसने रिपोर्ट नहीं लिखाई लेकिन तीनों को मारने की ठान ली। एक बार में असफल हुआ लेकिन दूसरी बार में हत्या कर दी।
मामला मध्यप्रदेश के रतलाम जिले का है। यहां 4 जनवरी को डेटोनेटर विस्फोट से हुई किसान की मौत के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। युवक ने अपनी पत्नी से हुए दुष्कर्म का बदला लेने के लिए साजिश रची थी। पुलिस ने इस मामले का खुलासा कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। इतना ही दुष्कर्म के मामले में मृतक किसान सहित अन्य दो लोगों के खिलाफ भी केस दर्ज किया है। दरअसल 4 जनवरी को किसान लालसिंह कतीजा निवासी ग्राम रत्तागढ़खेड़ा अपने खेत पर गया था। सिंचाई के लिए मोटर चालू करने के लिए जैसे ही उसने स्टार्टर का बटन दबाया तो जोरदार विस्फोट हुआ। मौके पर ही उसकी मौत हो गई। शव क्षत विक्षत हो गया। घटना के बाद मौके पर पहुंचे लोगों ने पुलिस को बताया था कि स्टार्टर के नीचे विस्फोटक सामग्री लगाकर किसान की हत्या की गई है। पुलिस भी यह देखकर हैरान थी क्योंकि इसी गांव में पहले भी इस तरह की घटना हुई थी जिसमें पूर्व सरपंच घायल हुआ था। पुलिस ने जांच पड़ताल की तो पाया कि घटना में जिलेटिन रॉड व डेटोनेटर (टोटे) का प्रयोग हुआ था। इसके बाद टीम गठित की जिससे आरोपी तक पहुंचा जा सके।
घटना की जानकारी देते एसपी
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मंदसौर से पकड़ाया आरोपी
जांच के दौरान पुलिस को कुछ सुराग मिले और वह आरोपी तक पहुंच गई। एसपी गौरव तिवारी ने इस घटना का खुलासा किया। पुलिस ने बताया कि आरोपी का नाम सुरेश जादव है। उसने ही घटना को अंजाम दिया था। पुलिस के अनुसार करीब एक साल पहले सुरेश की पत्नी के साथ किसान लालसिंह व दो अन्य लोगों ने दुष्कर्म किया था। उसने रिपोर्ट नहीं लिखाते हुए उनकी हत्या की साजिश रची थी, जिसके तहत उक्त हत्याकांड को अंजाम दिया गया। आरोपी सुरेश व उसे विस्फोटक सामग्री उपलब्ध करवाने वाले बद्रीलाल पाटीदार को भी गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया कि मुखबिर से पता चला कि घटना गांव के सुरेश जादव (32) ने की है। जब उसकी तलाश की तो उसके घर ताला लगा मिला। ग्रामीणों ने बताया कि घटना के बाद से ही सुरेश गायब है। उसकी तलाश में उसके ससुराल आकतवासा के अलावा अन्य जगहों पर दबिश दी। बाद में सुरेश व उसकी पत्नी को मंदसौर से हिरासत में लिया और पूछताछ की।
ठान लिया था कि तीनों की हत्या करेगा
पूछताछ में सुरेश ने जुर्म कुबूल किया। सुरेश ने बताया कि एक वर्ष पहले लालसिंह कतीजा, पूर्व सरपंच भंवरलाल डोडियार व दिनेश ने उसकी पत्नी से सामूहिक दुष्कर्म किया था। उसे व पत्नी को धमकी दी थी कि किसी को बताया तो जान से मार देंगे। डर के कारण तब रिपोर्ट नहीं की थी व यह ठाना था कि जब तक तीनों की हत्या नहीं करेगा, तब तक चैन से नहीं बैठेगा। वह जिलेटिन व डेटोनेटर बद्रीलाल पाटीदार निवासी ग्राम सिमलावदा से लाया था। रात तीन बजे जिलेटिन की सात रॉड व दस डेटोनेटर लालसिंह के खेत में स्टार्टर के नीचे लगाए थे। उसे पता था कि रात दो बजे तक किसान घर चले जाते हैं इसलिए वह तीन बजे खेत पर गया और पेचकस से स्टार्टर के नीचे जमीन खोदकर उसने जमीन में जिलेटिन की रॉड व डेटोनेटर गाड़कर उनका कनेक्शन स्टार्टर से कर दिया। सुबह जैसे ही किसान लालसिंह ने स्टार्टर का बटन दबाया तो विस्फोट हो गया। पुलिस ने सुरेश के घर से जिलेटिन की पांच रॉड व पांच डेटोनेटर तथा बद्रीलाल पाटीदार के घर से जिलेटिन की सात रॉड व 10 डेटोनेटर जब्त किए हैं। इधर मामले में आरोपी की पत्नी के कथनों के आधार पर सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पूर्व सरपंच भंवरलाल डोडियार, दिनेश व मृतक लालसिंह के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया। भंवरलाल व दिनेश को भी गिरफ्तार किया है।
पहली बार में हुआ था असफल
घटना के बाद ग्रामीणों ने पुलिस को बताया था कि छह माह पहले भी ऐसी घटना हुई थी जिसमें पूर्व सरपंच भंवरलाल घायल हुआ था। इस पर पुलिस को पता चला कि उक्त घटना में भी सुरेश का हाथ था। सुरेश ने सबसे पहले भंवरलाल को विस्फोट से उड़ाने का प्रयास किया लेकिन ठीक से विस्फोट नहीं होने की वजह से भंवरलाल बच गया। इसके बाद उसने लाल सिंह के ट्यूबवेल की मोटर के स्टार्टर में विस्फोटक के तार लगाकर ट्रेप तैयार कर दिया। सुरेश ने इस बार ज्यादा जिलेटिन की छड़ें प्रयुक्त की ताकि साजिश सफल हो सके।