हादसे के बाद ग्रामीणों ने लगाय जाम।
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मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में नेशनल हाईवे और सड़कों पर बैठे गौवंश अक्सर हादसों का शिकार हो जाते हैं। वाहन की टक्कर से उनकी मौत हो जाती है, जिसको लेकर सैकड़ों बार हिन्दू संगठन के पदाधिकारी व ग्रामीण जिले के प्रशासनिक अधिकारियों को अवगत करा चुके हैं, लेकिन गौवंश की दुर्दशा जो पहले थी आज भी वही बनी हुई है।
ऐसा ही एक मामला बीती रात सारंगपुर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले इंदौर गुना हाईवे पर हुआ। गोपलपुरा के बाईपास पर सड़क पर बैठी 9 गायों को अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। हादसे में नौ गायों की मौके पर ही मौत हो गई व अन्य गाय घायल हो गईं। सुबह सूचना मिलने पर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने उक्त घटनाक्रम का विरोध जताते हुए चक्का जाम कर दिया। जिसके पश्चात पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया लेकिन ग्रामीण गौवंश को संरक्षण देने व उन्हें गौशाला में भेजने की मांग पर अड़े रहे। बाद में ग्रामीणों को प्रशासनिक अधिकारियों के ने उचित निराकरण के लिए आश्वस्त किया, जिसके पश्चात वे माने और जाम खोला गया।
जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत में गौशाला के नाम पर आवंटित हो चुकी भूमि पर पूर्व सरपंच का कब्जा होने से गौशाला को निरस्त किया गया है। गौशाला नहीं बनने के कारण ही उक्त क्षेत्र आए दिन गायों की सड़क दुर्घटना के कारण मौत होती आई है। बताया जा रहा है कि ग्राम पंचायत निहाल में जो पूर्व सरपंच हैं उनके पास गौशाला के नाम की भूमि रेलवे क्रॉसिंग के पास कब्जे में है। उसी कारण ग्राम पंचायत निहाल में गौशाला नहीं बन पाई, क्योंकि जब गौशाला आवंटित हुई थी तब भूमि तत्कालीन सरपंच के कब्जे में थी इसी कारण से ग्राम पंचायत निहाल में गौशाला का निर्माण नहीं हो सका। इसी वजह से गाय रोड पर बैठी रहती हैं और अज्ञात वाहन का शिकार हो जाती हैं।
गौरतलब है कि अज्ञात वाहन की टक्कर से गौवंशों की मौत का जिले में यह कोई पहला मामला नहीं है, बल्कि इसके पूर्व में भी सड़कों पर बैठे गौवंश हादसों का शिकार हो चुके हैं। इनके संरक्षण के इंतज़ाम करने में जिला व स्थानीय प्रशासन फिसड्डी साबित हुआ है।