राजगढ़ में पुराने राजस्व रिकॉर्ड रूम में भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। दमकल और पुलिस मौके पर पहुंचकर आग बुझाने की कोशिश की। पुराने सरकारी दस्तावेज जलने की आशंका है। आग के कारणों का फिलहाल पता नहीं चला। घटनाक्रम की जांच जारी है। लेकिन अब राजस्व संबंधी कार्यों में विलंब होने की संभावना और बढ़ गई है।
राजगढ़ नगर में शुक्रवार शाम को उस समय हड़कंप मच गया, जब पुराने राज महल के पास स्थित सरकारी राजस्व रिकॉर्ड रूम में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेज थी कि कुछ ही देर में उसने पूरे रिकॉर्ड रूम को अपनी चपेट में ले लिया। घटना रिहायशी इलाके के बीच होने के कारण आसपास रहने वाले लोगों में अफरा-तफरी मच गई। मौजूद लोग घरों से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे।
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प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग की लपटें और धुएं का गुबार दूर से ही दिखाई दे रहा था। जैसे ही आग की सूचना मिली, स्थानीय लोगों ने तत्काल प्रशासन और दमकल विभाग को सूचना दी। मौके पर दमकल विभाग की गाड़ियां पहुंची। फिर आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू किया गया। आग की तीव्रता को देखते हुए राजगढ़ के साथ-साथ खिलचीपुर और आसपास के क्षेत्रों से भी दमकल वाहन बुलाए गए।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन भी तुरंत मौके पर पहुंचा। पुलिस ने आसपास के इलाकों को खाली कराया। घटनास्थल पर भीड़ नियंत्रण करने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात कर रस्सा पार्टी लगाई गई। वहीं, माइक के माध्यम से लगातार अनाउंसमेंट कर आमजन को सुरक्षित दूरी बनाए रखने हेतु जागरूक किया गया। राहत-बचाव कार्यों का जायजा ले रहे हैं।
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अब राजस्व संबंधित मामलों में दिक्कतें आ सकती है
बताया जा रहा है कि जिस भवन में आग लगी, वहां राजस्व विभाग के पुराने और महत्वपूर्ण दस्तावेज वर्षों से सुरक्षित रखे गए थे। इन दस्तावेजों में जमीन, खातेदारी और अन्य प्रशासनिक रिकॉर्ड शामिल थे। आग के कारण इन महत्वपूर्ण दस्तावेजों के जलने की आशंका जताई जा रही है, जिससे भविष्य में राजस्व संबंधित मामलों में दिक्कतें आ सकती हैं। फिलहाल आग लगने के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल पाया है।
प्रशासन ने जांच के आदेश दिए
प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट या लापरवाही को संभावित कारण माना जा रहा है, लेकिन प्रशासन ने जांच के आदेश दे दिए हैं। आग बुझने के बाद ही वास्तविक कारण सामने आ सकेगा। यह पूरी घटना राजगढ़ कोतवाली थाना क्षेत्र की है, दमकल कर्मी ने आग पर काफी मसकत के बाद पूरी तरह काबू पाया। लेकिन इस घटना ने प्रशासनिक व्यवस्था और दस्तावेजों की सुरक्षा पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।