राजगढ़ जिले में दलित युवती के साथ दुष्कर्म की घटना के मामले में दलित समाज के संगठनों की ओर से मौन रैली के माध्यम से शक्ति प्रदर्शन किया गया। साथ ही ज्ञापन में कहा गया कि आरोपियों के अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चलाया जाए।
राजगढ़ में करनवास थाना क्षेत्र के नापलियाखेड़ी गांव में दलित युवती के साथ दुष्कर्म और परिजनों से मारपीट के मामले में मंगलवार को दलित समाज के सभी संगठनों के द्वारा मौन रैली निकालकर शक्ति प्रदर्शन किया गया। साथ ही ज्ञापन के माध्यम से नौ सूत्रीय मांगों का निराकरण करने की मांग की गई।
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बता दें, जिला मुख्यालय के मंगलभवन में जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से एकत्रित हुए दलित समाज के सभी संगठन भीम आर्मी, नाजी और महिला विंग के द्वारा कलेक्ट्रेट कार्यालय तक मौन रैली निकाली गई। साथ ही राज्यपाल और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह सिंह चौहान के नाम नौ सूत्रीय मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि पांच मई 2023 की रात में जिले के नापलियाखेड़ी में दबंगों के द्वारा दलित परिवार की युवती से दुष्कर्म और उसके परिजनों से हुई मारपीट को लेकर दलित समाज के सामाजिक संगठनों में आक्रोश व्याप्त है।
सामाजिक संगठन निम्न बिन्दुओं पर निराकरण की मांग करते हैं। पीड़ित परिवार की कृषि भूमि दबंगों से मुक्त करवाई जाए, थाना प्रभारी को निलंबित किया जाए, उक्त प्रकरण फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाकर पीड़ितों को शीघ्र न्याय दिलाया जाए, अपराधियों के अवैध रूप से बने मकानों पर बुलडोजर चलाया जाए सहित अन्य मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा गया।
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गौरतलब है कि उक्त घटनाक्रम के मामले में पुलिस आठ आरोपियों के विरुद्ध मारपीट और सामूहिक दुष्कर्म का मामला दर्जकर गिरफ्तार कर जेल की सलाखों के पीछे पहुंचा चुकी है, जिसके विरोध में गुर्जर समाज भी अधीक संख्या में शक्ति प्रदर्शन करते हुए मामले में दुष्कर्म की धाराएं हटाने और निष्पक्ष जांच की मांग कर चुका है। दोनों ही पक्षों के सामाजिक संगठनों के द्वारा दिए गए ज्ञापन को लेकर राजगढ़ एडिशनल एसपी मनकामना प्रसाद से बात की गई तो उन्होंने कहा कि संविधान के अनुसार जो कानूनी प्रक्रिया है, उसका पालन करते हुए मामले का निपटारा किया जाएगा। नियमों से हटकर कोई भी कार्रवाई नहीं की जाएगी।