साल 2009 में किसानों के साथ कांग्रेस प्रदेश सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रही थी, जिसका नेतृत्व स्वयं पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह कर रहे थे। कांग्रेस नेता कलेक्ट्रेट में ज्ञापन देने जा रहे थे, उसी दौरान किसी ने पत्थरबाजी शुरू कर दी थी। घटना में पुलिसकर्मियों के साथ दिग्विजय सिंह भी घायल हुए थे।
मामले में जीतू पटवारी सहित कुल 17 लोगों के खिलाफ बलवा और शासकीय कार्य में बांधा डालने का प्रकरण भी दर्ज किया गया था। इसमें एमपी-एमएलए कोर्ट ने पूर्व में जीतू पटवारी सहित चार नेताओं को सजा सुना चुकी है।
वहीं, बुधवार को एमपी-एमएलए विशेष न्यायालय ने राजगढ़ जिला पंचायत अध्यक्ष चंदर सिंह सोंधिया व तत्कालीन कांग्रेस व वर्तमान में भाजपा नेता सुल्तान सिंह छतरी सहित कुल आठ नेताओं को एक-एक साल की सजा और 10-10 हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया है।
बता दें कि जिन नेताओं को सजा सुनाई गई है, उनमें राजगढ़ जिला पंचायत अध्यक्ष चंदर सिंह सोंधिया, पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष पचोर, पंकज यादव, आशीष, तत्कालीन कांग्रेस व वर्तमान में भाजपा नेता सुल्तान सिंह छतरी, अशोक चंदेल, नरेंद्र तिवारी पूर्व पार्षद, दीप सिंह सोलंकी और बबलू यादव को एक-एक साल की सजा व दस-दस हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया गया है। मौके पर ही देवनारायण यादव को जमानत पर छोड़ दिया गया। मामले को स्थागित करते हुए अपील करने के लिए एक महीने का समय भी दिया गया है।