फीस जमा नहीं होने पर स्कूल पर बंधन ने छात्रों को परीक्षा देने से रोका
निजी स्कूल में फीस को लेकर उपजे विवाद ने सोमवार को उस समय तूल पकड़ लिया, जब कुछ छात्रों को परीक्षा में बैठने से रोके जाने की शिकायत सामने आई। मामले की जानकारी मिलने के बाद एबीवीपी कार्यकर्ता स्कूल परिसर के बाहर पहुंच गए और उन्होंने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। करीब एक घंटे तक चले घटनाक्रम के बीच शिक्षा विभाग के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। जिला शिक्षा अधिकारी निर्मला नंदन तिवारी ने स्थिति को संभालते हुए छात्रों को परीक्षा कक्ष में पहुंचाया।
मामला रायसेन के संस्कार पब्लिक स्कूल से जुड़ा है। जानकारी के मुताबिक, कक्षा सातवीं और आठवीं में पढ़ने वाले कुछ विद्यार्थी सोमवार को परीक्षा देने स्कूल पहुंचे थे। बच्चों के पिता सुनील कुशवाहा के अनुसार, स्कूल बस उपलब्ध नहीं होने के कारण वह स्वयं बच्चों को लेकर स्कूल पहुंचे। उनका कहना है कि बच्चों की फीस बकाया होने की जानकारी उन्हें पहले से नहीं दी गई थी। स्कूल पहुंचने पर फीस को लेकर विवाद की स्थिति बनी और परीक्षा को लेकर भी समस्या खड़ी हो गई। घटना की जानकारी मिलने पर एबीवीपी कार्यकर्ता स्कूल के बाहर पहुंचे। संगठन ने आरोप लगाया कि फीस के मुद्दे को लेकर विद्यार्थियों की पढ़ाई और परीक्षा प्रभावित नहीं की जानी चाहिए। कार्यकर्ताओं ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए गेट पर धरना शुरू कर दिया। इससे स्कूल परिसर के बाहर कुछ समय के लिए माहौल गरमा गया।
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इसी बीच जिला शिक्षा अधिकारी निर्मला नंदन तिवारी मौके पर पहुंचीं। उन्होंने स्कूल प्रबंधन और संबंधित पक्षों से पूरे मामले की जानकारी ली। बताया गया कि छात्र निर्धारित समय से करीब एक घंटे विलंब से स्कूल पहुंचे थे। डीईओ ने स्पष्ट किया कि देरी से पहुंचने के बावजूद विद्यार्थियों को परीक्षा का पूरा निर्धारित समय दिया जाए। इसके बाद छात्रों को परीक्षा कक्ष में भेजा गया। स्कूल प्रबंधन की ओर से विद्यार्थियों को परीक्षा से रोके जाने की बात से इनकार किया गया। प्रबंधन ने बताया कि संबंधित छात्रों की करीब दो साल की फीस बकाया है। फीस का मामला अलग है, जबकि परीक्षा में बैठने से रोकने का आरोप सही नहीं है।
मामले में शिक्षा विभाग ने स्कूल प्रबंधन को स्पष्ट निर्देश दिए कि फीस बकाया होने के आधार पर किसी विद्यार्थी को परीक्षा में बैठने से वंचित नहीं किया जाए। डीईओ ने कहा कि विद्यार्थियों की शिक्षा और परीक्षा प्रभावित होना उचित नहीं है। यदि भविष्य में फीस के कारण किसी छात्र को परीक्षा से रोके जाने की शिकायत मिलती है तो स्कूल प्रबंधन के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल छात्रों ने परीक्षा दी और मौके पर बना विवाद शांत हो गया। फीस की बकाया राशि को लेकर अभिभावक और स्कूल प्रबंधन के बीच अलग स्तर पर बातचीत होने की बात सामने आई है।