मध्यप्रदेश के दमोह में राय फैमिली पर छापेमारी के बाद इसके प्रमुख शंकर राय ने कहा है कि मैं इस दिन का काफी समय से इंतजार कर रहा था। मैं बहुत खुश हूं कि आयकर ने यहां छापेमारी की है।
दमोह में आयकर विभाग की छापेमारी के के तीसरे दिन शनिवार को राय फैमिली के प्रमुख शंकर राय ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उनका कहना है कि मुझे 10 साल से आयकर की छापेमारी का इंतजार था। आज वह दिन आया और मैं बहुत खुश हूं।
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50 साल से भर रहे हैं टैक्स, सब कुछ कानूनी है
राय ने कहा कि मैं आज 74 साल का हूं। 24 साल की उम्र से आयकर भर रहा हूं। यहां जो भी नकदी और आभूषण मिले हैं, सब वैध हैं। हमारे पास कृषि, पंप, टावर और अन्य माध्यमों से जो भी पैसा आता है, हम उसका रिटर्न भरते हैं। उन्होंने कहा कि आज छापेमारी के बाद मेरी चिंता खत्म हो गई। मैं भी चाहता था कि दमोह की जनता को यह पता चल जाए कि हमारे पास कितना पैसा है। राय ने कहा कि हमारे यहां करीब साढ़े तीन किलो सोने के जेवर निकले थे, जिनमें से केवल सवा किलो सोने के जेवर टीम अपने साथ ले गई है। वह भी हमें वापस मिल जाएंगे क्योंकि वह जेवर पुराने समय के हैं, जो मेरे माता-पिता ने उपहार में दिए थे।
'हम केस लड़ेंगे और अपना पूरा पैसा वापस लेंगे'
राय ने कहा कि पानी के टैंक में नोटों से भरा बैग हमारे यहां नहीं मिला है। वह बैग मेरे भाई के यहां मिलने की खबर है। बड़ी-बड़ी पेटियां और बैग में दस्तावेज और नोट भरकर गए हैं, यह बिल्कुल सही बात है। हमारे यहां शराब की दुकान और बसों से 10, 50 ओर सौ के नोट ज्यादा आते हैं। इसलिए उन्हें रखने के लिए बैग बुलाई गई थी। यदि उनके पास नंबर दो का पैसा होता तो वह सभी नोटों को दो हजार के नोट में तब्दील कर चुके होते। प्रतिदिन हमारे यहां 16 से 17 लाख रुपये शराब दुकान और बसों से आता है। हमारे पास कुछ भी अवैध नहीं है। जो पैसा टीम लेकर गई है उसके लिए हम केस लड़ेंगे और अपना पूरा पैसा वापस लेंगे।