आध्यात्मिक संत भय्यूजी महाराज की आत्महत्या मामले की गुत्थी लगभग सुलझ चुकी है। सूत्रों की मानें तो पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में उनके आत्महत्या के कारणों को स्पष्ट किया है। सूत्रों का कहना है कि पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि भय्यूजी की दूसरी पत्नी डॉ. आयुषी और उनकी बेटी कुहू के बीच चल रहा विवाद, दूसरी शादी के बाद दानतादाओं की भारी कमी और मानसिक तनाव के चलते उन्होंने आत्महत्या की थी।
पुलिस ने यह भी दावा किया है कि भय्यूजी महाराज को न तो किसी ने धमकाया था और न ही किसी ने उन्हें ब्लैकमेल किया था, जिससे वह आत्महत्या करने को मजबूर हो सकें। शनिवार को पुलिस को मिली विसरा रिपोर्ट से भी यह स्पष्ट हो गया है कि उन्होंने आत्महत्या से पूर्व न तो जहर खाया था और न ही किसी प्रकार का नशा किया था। हालांकि अभी कुछ रिपोर्ट आने शेष हैं। सभी रिपोर्ट आने के बाद ही केस डायरी बनाई जाएगी और उसके बाद सीनियर अफसरों को वो भेज दी जाएगी।
भय्यूजी की दूसरी पत्नी डॉ. आयुषी और उनकी बेटी कुहू के बीच चल रहा विवाद तो सबको पता है। इसके अलावा डॉ. आयुशी से शादी के बाद भय्यूजी के भक्तों में भारी कमी आ गई थी, जिससे वह काफी परेशान रहने लगे थे। जितने भी बड़े दानदाता थे, उन्होंने उनसे दूरी बना ली थी। इस कारण भय्यूजी के स्कूल और आश्रम के प्रोजेक्ट लंबित होने लगे, जिससे वो तनाव में आ गए थे। हालांकि कुछ छोटे-बड़े दानदाता थे जो आर्थिक मदद करने आते थे, लेकिन उसके बदले में वो नेताओं और अफसरों को भय्यूजी से कॉल करवाकर अपना काम निकालवाते थे।
रिपोर्ट की मानें तो भय्यूजी को शुगर, ब्लडप्रेशर और घबराहट की शिकायत थी। वह नींद और मानसिक तनाव को दूर भगाने की दवाईयां भी खाते थे। वो लगातार अस्पताल भी बदलते रहते थे, ताकि उनकी बीमारियों का पता ज्यादा लोगों को न चल सके।