नर्मदा नदी में डूब रहे पांच युवकों को गोताखोरों ने जान जोखिम में डालकर सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
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इंदौर–खंडवा–इच्छापुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित खरगोन जिले के बड़वाह तहसील अंतर्गत खेड़ीघाट के नर्मदा घाट पर रविवार शाम बड़ा हादसा टल गया। नर्मदा नदी में स्नान के दौरान गहरे पानी में डूब रहे पांच युवकों को घाट पर तैनात गोताखोरों ने अपनी जान जोखिम में डालकर सुरक्षित बाहर निकाल लिया। उनकी तत्परता और साहस के कारण पांचों युवकों को नया जीवन मिल गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार रविवार शाम लगभग चार बजे इंदौर से आए चार दोस्त नर्मदा घाट पर स्नान कर रहे थे। स्नान के दौरान वे अनजाने में गहरे पानी की ओर चले गए। कुछ ही क्षणों में वे पानी में डूबने लगे और सहायता के लिए जोर-जोर से आवाज लगाने लगे। घाट पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। युवकों की चीख-पुकार सुनते ही घाट पर तैनात अनुभवी गोताखोर बाबूलाल मंगले और राकेश ढोली बिना समय गंवाए ट्यूब लेकर नर्मदा नदी में कूद पड़े। तेज बहाव और गहरे पानी के बीच दोनों गोताखोरों ने साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए एक-एक कर चारों युवकों तक पहुंचकर उन्हें सुरक्षित किनारे तक पहुंचाया। समय रहते राहत मिलने से चारों युवकों की जान बच गई।
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एक अन्य युवक को भी बचाया
इस घटना के कुछ ही देर बाद उसी घाट पर एक और युवक स्नान के दौरान गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। सूचना मिलते ही बाबूलाल मंगले और राकेश ढोली ने एक बार फिर तत्काल नदी में छलांग लगाई और युवक तक पहुंचकर उसे भी सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इस प्रकार कुछ ही समय के अंतराल में दोनों गोताखोरों ने कुल पांच लोगों की जान बचाकर मानवता और साहस का अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया।
स्नान के दौरान सावधानी की अपील
गौरतलब है कि बरसात के मौसम में नर्मदा नदी का जलस्तर और गहराई लगातार बदलती रहती है। ऐसे समय में नदी में स्नान करने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। प्रशासन द्वारा भी बार-बार अपील की जाती है कि निर्धारित सुरक्षित क्षेत्र में ही स्नान करें तथा गहरे पानी में जाने से बचें। थोड़ी-सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।