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MP: सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के बीच ओंकारेश्वर-ममलेश्वर मंदिरों में दान का नया रिकॉर्ड, मिले 27.58 लाख रुपये

Sat, 18 Jul 2026 05:15 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ओंकारेश्वर

सार

श्रावण मास में ओंकारेश्वर और ममलेश्वर मंदिरों के दानपात्रों से कुल 27 लाख 58 हजार 165 रुपये की राशि प्राप्त हुई। यह राशि मंदिर व्यवस्थाओं, श्रद्धालु सुविधाओं और सिंहस्थ-2028 की तैयारियों से जुड़े विकास कार्यों में उपयोग की जाएगी। 

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रुपयों की गिनती करते हुए मंदिर के कर्मचारी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भगवान शिव के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में पहुंच रहे श्रद्धालुओं की आस्था दान के रूप में भी झलक रही है। शुक्रवार को श्री ओंकारेश्वर मंदिर ट्रस्ट और श्री ममलेश्वर मंदिर प्रबंधन समिति के दानपात्र खोले गए, जिनमें कुल 27 लाख 58 हजार 165 रुपये की दानराशि प्राप्त हुई।

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श्री ओंकारेश्वर मंदिर ट्रस्ट के सात दानपात्र तहसीलदार, पटवारी तथा मंदिर के सहायक कार्यपालन अधिकारी की उपस्थिति में खोले गए। मंदिर और बैंक कर्मियों द्वारा की गई गणना में कुल 20 लाख 86 हजार 300 रुपये की दानराशि प्राप्त हुई। ट्रस्ट के अनुसार, इस राशि का उपयोग नियमानुसार मंदिर की व्यवस्थाओं के सुदृढ़ीकरण तथा श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने में किया जाएगा।
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वहीं, आगामी सिंहस्थ-2028 को ध्यान में रखते हुए गठित श्री ममलेश्वर मंदिर प्रबंधन समिति के पांच दानपात्रों की भी गणना की गई। पुनासा एसडीएम पंकज वर्मा ने बताया कि 2 जुलाई से 16 जुलाई तक प्राप्त दानराशि की गणना तहसीलदार, जिला कोषालय अधिकारी के प्रतिनिधि, मंदिर कर्मचारियों और बैंक कर्मियों की उपस्थिति में की गई। इस दौरान कुल 6 लाख 71 हजार 865 रुपये की दान राशि प्राप्त हुई।
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मंदिर प्रबंधन समिति ने क्या बताया?
मंदिर प्रबंधन समिति के अनुसार, ममलेश्वर मंदिर में प्राप्त दानराशि का उपयोग श्रद्धालुओं की सुविधाओं के विस्तार और मंदिर परिसर के विकास कार्यों में किया जा रहा है। वर्तमान में दानराशि से राशि गणना के लिए टीन शेड, मंदिर परिसर में सुरक्षित रखी गई प्राचीन मूर्तियों के संरक्षण हेतु टीन शेड, स्टील रेलिंग, सीसीटीवी कैमरे, शौचालय एवं सुविधाघर का निर्माण, कर्मचारियों के वेतन तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं पर व्यय किया जा रहा है। श्रावण मास में श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए दोनों मंदिरों में व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ किया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के साथ श्रद्धालुओं को बेहतर, सुरक्षित और सुव्यवस्थित दर्शन व्यवस्था उपलब्ध कराना उसकी प्राथमिकता है।

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