मध्यप्रदेश के इंदौर में जिला स्वास्थ्य कार्यालय ने कम असरदार रैपिड एंटीजन टेस्ट पर भरोसा करने का फैसला किया है। 15-24 अक्तूबर के बीच दस दिनों में मध्यप्रदेश में कोरोना पॉजिटिन और सक्रिय मामलों में तेजी से गिरावट देखी गई। 15-24 अक्तूबर के बीच रैपिड एंटीजन टेस्ट में वृद्धि हुई है।
5-14 अक्तूबर की तुलना में 15-24 अक्तूबर के बीच टेस्टिंग क्षमता में 119.13 फीसदी की वृद्धि हुई। जिला नोडल अधिकारी डॉ. अमित मालाकर का कहना है कि पिछले कुछ हफ्तों में राज्य सरकार के आदेश के बाद स्वास्थ्य अधिकारियों ने सैंपलिंग की संख्या बढ़ा दी है।
जिलाधिकारियों ने हर दिन 4,000 लोगों का टेस्ट करने के निर्देश दिए हैं। इसी के बीच सैंपल इकट्ठा करने वाले और टेस्टिंग देखने वाले स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की गई। डॉ. मालाकर ने बताया कि सभी कर्मचारियों को सैंपलिंग की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
डॉ. मालाकर ने बताया कि ज्यादातर स्थानीय लोग कोरोना का टेस्ट इसी के माध्यम से करा रहे हैं। अगर कोई सिम्प्टोमैटिक व्यक्ति रैपिड एंटीजन टेस्ट में निगेटिव पाया जाता है तो उसका बाद में आरटी-पीसीआर टेस्ट कराया जाता है। 15-24 अक्तूबर के बीच जिले में सक्रिय मामलों में 35 फीसदी की गिरावट देखी गई है और 8.72 फीसदी कमी सक्रिय दर में देखी गई है।