नये गैस कनेक्शन लेने वालों को मार्च 2013 तक मिलने वाले तीन सब्सिडी सिलेंडर नहीं मिलेंगे। इस दौरान बाजार मूल्य पर सिलेंडर के साथ ही कनेक्शन लेना पड़ सकता है। वजह है कि सब्सिडी के सिलेंडर सीमित होने के बाद से पूरे देश में ऐसे सिलेंडर का अनुचित उपयोग रोकने के लिए आवेदनों की भलीभांति जांच हो रही है।
आवेदनों की जांच पूरी होने तक किसी को भी सब्सिडी वाले सिलेंडर का कनेक्शन जारी नहीं किया जा रहा है। इंडेन गैस के स्थानीय अधिकारियों के अनुसार तेल कपंनियों को गैस कनेक्शन के लिए आवेदन करने वालों के डाटा नेशनल इंफोरमेटिक्स सिस्टम (एनआईसी) में डालने होते हैं। यह प्रक्रिया 18 सितंबर से जारी है। अब केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय ही सब्सिडी वाले सिलेंडर के साथ गैस कनेक्शन जारी कर रहा है।
केवल मध्यप्रदेश से ही अब तक करीब 88,000 आवदेन एनआईसी में डाले जा चुके हैं। लेकिन पिछले ढाई महिने में केवल उत्तर पूर्वी राज्यों के आवेदकों के डाटा की जांच पूरी हुई है। ऐसे में मध्यप्रदेश का नंबर कब आयेगा यह बताना संभव नहीं हो पा रहा है। चौदह सितंबर के बाद से महंगे सिलेंडर के साथ नया कनेक्शन लेने वालों की संख्या राजधानी में करीब छह हजार है और मध्यप्रदेश में यह संख्या करीब 48 हजार है। इन्हें बिना सब्सिडी वाले सिलेंडर ही लेने पड़ रहे हैं।