विधानसभा में साईं बाबा नगर में पानी की टंकी ढहने के मामले पर प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस सहित भाजपा विधायकों ने भाजपा को घेरा। 18 नवंबर को गिरी टंकी में सात लोगों की मौत हो गई थी और 33 लोग घायल हो गए थे। इस हादसे पर सरकार द्वारा अधिकारियों को क्लीन चिट दे देने से कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा से वॉकआउट कर दिया।
जहां कांग्रेस विधायकों ने इस हादसे के लिए स्थानीय प्रशासन के लापरवाह रवैये को जिम्मेदार ठहराया, वहीं स्थानीय प्रशासन मंत्री बाबूलाल गौर अधिकारियों को बचाते नजर आए। कांग्रेस के आरिफ अकील, डॉ. गोविंद सिंह व भाजपा के विश्वास सारंग ने ध्यानाकर्षण सूचना के जरिए विधानसभा में यह मुद्दा उठाया।
आरिफ ने कहा की वह टंकी जर्जर अवस्था में थी। स्थानीय पार्षद और वहां रहने वालों के द्वारा कई बार नगर निगम सेशिकायत भी की गई, लेकिन अधिकारियों ने इस पर ध्यान नहीं दिया। इस कारण यह टंकी ढह गई। साथ ही उन्होंने कहा कि पुरानी टंकी को जर्जर घोषित किये बिना ही नई टंकी का काम शुरू कर दिया गया। टंकी के पास नियमों के विरुद्ध स्कूल भी खोला गया।
इसके विपरीत बाबूलाल गौर ने इसे सामान्य हादसा बताया और अधिकारियों की गलती न होने की बात कही। उन्होंने कहा कि टंकी ढहने की स्थिति में नहीं थी और उसका निरीक्षण भी किया जाता था। स्थानीय लोगों द्वारा लगातार पानी बहाये जाने से टंकी कमजोर हुई और ढह गई। आरिफ अकील ने इस घटना में मृतकों के घरवालों को दस-दस लाख रूपये मुआवजा देने की मांग की। बाबूलाल गौर ने बताया कि मृतकों के परिवार को दो-दो लाख रूपये से अधिक सहायता दी जा चुकी है।