जंगलों के आस पास के क्षेत्र में गांववाले किसानी के लिए अपने खेत जाते हैं या फिर अपने पालतू जानवरों के साथ चरवाही करने, वहां मौजूद खतरनाक जानवर उन पर कब हमला कर दें ये कोई नहीं जानता।
कई बार शेरों ने गांव वालों पर हमला कर या तो उन्हें अधमरा छोड़ा है या फिर वो अपनी जिंदगी से हाथ धो बैठे हैं। लेकिन अब ऐसा कोई हादसा न हो इसके लिए मध्यप्रदेश के बांधवागढ़ टाइगर रिजर्व ने गांववालों से कहा है कि वे जब भी इस तरह अपना कोई काम करने जाएं तो हेलमेट और चेस्टगार्ड पहन कर जाएं ताकि वे शेरों के हमले से खुद को बचा सकें।
पार्क प्रबंधन का मानना है कि मवेशी चराने वाले समूह प्रायः कमजोर होते हैं और यदि उन्हें इस तरह की सुरक्षा दी जाएगी तो वे शेरों के हमले से बचे रहेंगे।