इंदौर के डीआईजी हरिनारायणाचारी मिश्रा ने बताया, 'हमें जांच में अब तक ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है, जिससे लगे कि भय्यू महाराज की हत्या की गई थी।' उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच लगभग पूरी हो चुकी है और सभी के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि भय्यू महाराज के भक्त चाहें, तो वे भी मामले में अपने बयान दर्ज करा सकते हैं।
बता दें कि 12 जून 2018 को 50 वर्षीय भय्यू महाराज ने अपने बंगले में लाइसेंसी रिवॉल्वर से गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। पुलिस को मौके से मिले कथित सुसाइड नोट में आध्यात्मिक गुरु ने लिखा था कि वह भारी तनाव से तंग आने के कारण जान दे रहे हैं।