व्यापमं मामले में तालाब में कूदकर आत्महत्या करने वाली ट्रेनी सब इंस्पेक्टर अनामिका सिकरवार के मामले में नया मोड़ आ गया है। अनामिका की तालाब में कूदकर जान देने की बात पर अब सवाल खड़े होने लगे हैं।
बताया जा रहा है कि अनामिका एक राष्ट्रीय स्तर की खिलाड़ी थी और वो अच्छी तैराक भी थी, ऐसे में उसके तालाब में डूबकर आत्महत्या करने की बात किसी के गले नहीं उतर रही है।
वहीं पुलिस ने अनामिका के पति रवि और ससुर को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों पर अनामिका पर आत्महत्या करने का दबाव बनाने का आरोप लगाया गया है।
पांच जुलाई को तालाब में तैरता मिला था शव
अंग्रेजी अखबार मेल टूडे की खबर के अनुसार अनामिका सिरकार की बहन रंजना कुशवाहा ने उसकी मौत के मामले में पुलिस और सरकार की थ्योरी पर उंगली खड़ी कर दी है। रंजना ने कहा कि मेरी दीदी आत्महत्या नहीं कर सकती। वो एक राष्ट्रीय स्तर की वॉलीबाल खिलाड़ी थी और इसी के बल पर वह पुलिस में भर्ती हुई थी। वो अच्छी तैराक भी थी फिर वो तालाब में कैसे डूब सकती हैं।
साल 2014 बैच की ट्रेनी सब इंस्पेक्टर की मौत को पुलिस ने आत्हत्या बताते हुए कहा था कि पारिवारिक तनाव के कारण उसने तालाब में जान कूदकर जान दे दी। वहीं, उसकी मौत के बाद आरोप लगाए जा रहे थे कि व्यापमं मामले में एसआईटी ने उनसे पूछताछ की थी।
इसी कड़ी में अन्य लोगों की तरह उसे भी अपनी जान से हाथ धोना पड़ा। लेकिन पुलिस ने इस बात से पूरी तरह इंकार किया है कि उसकी मौत का व्यापमं मामले से कोई लेना देना है।
जिस एकेडमी में वो पुलिस की ट्रेनिंग ले रही थी उसने भी अपने बयान में कहा है कि अनामिका मानसिक तनाव में चल रही थी जिसके चलते उसे यह कदम उठाने पर मजबूर होना पड़ा।
पति ने कहा नहीं थी शादी में कोई दिक्कत
जिसके बाद राज्य पुलिस ने भी तुरंत बयान जारी करते हुए कहा कि अनामिका की मौत का मामला दहेज के चलते आत्महत्या करने का है। लेकिन पुलिस की इस थ्योरी को उसके ससुराल वालों ने झुठला दिया है।
उसके पति रवि शंकर शिकरवार ने कहा कि उनका वैवाहिक जीवन बहुत अच्छा चल रहा था, उसने पांच जुलाई को सुबह दो बजे भी उससे बात की थी। रवि ने बताया कि उन्होंने कभी उससे या उसके परिवार वालों से दहेज की मांग नहीं की।
अगर वो इसके चलते तनाव में होती तो अपने परिवारवालों से जिक्र तो करती। उसके पिता पुलिस में अधिकारी थी और बीते 20 जून को हमारी शादी की पहली वर्षगांठ में शामिल होने के लि वो झांसी से चलकर यहां आए थे।